
मुंबई, ठाणे और भिवंडी में 10% पानी की कटौती शुरू (Patrika Photo)
Mumbai, Thane Water Cut News: मुंबईवासियों के लिए बेहद जरुरी खबर है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने आज से पूरे मुंबई में 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू कर दी है। बीएमसी के मुताबिक, पानी की आपूर्ति करने वाली झीलों में जलस्तर काफी कम हो गया है, जिसके कारण यह एहतियाती कदम उठाना पड़ा है। हालांकि बीएमसी प्रशासन ने यह भी कहा कि नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन पानी का बेहद सावधानी और सीमित उपयोग करने की जरुरत है।
बीएमसी की ओर से बताया गया है कि भारतीय मौसम विभाग (IMD) की मानसून को लेकर की गई भविष्यवाणी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। दरअसल आईएमडी ने इस साल मानसून के कमजोर रहने की आशंका जताई है, जिसका कारण संभावित अल नीनो और इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) प्रभाव को माना जा रहा है।
नगर निगम ने कहा कि फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और योजनाबद्ध तरीके से पानी की आपूर्ति की जा रही है।
बीएमसी ने नागरिकों से पानी का कम उपयोग करने, पानी की बर्बादी न करने और दैनिक जीवन में जल-बचत के तरीके अपनाने की अपील की है। 10 प्रतिशत पानी कटौती केवल मुंबई तक सीमित नहीं है। बीएमसी द्वारा ठाणे नगर निगम, भिवंडी-निजामपुर नगर निगम और आसपास के गांवों को जो पानी सप्लाई किया जाता है, वहां भी यह कटौती लागू होगी।
यह पानी कटौती आज से प्रभावी हो गई है और तब तक जारी रहेगी, जब तक अच्छी बारिश नहीं होती और जलाशयों में पानी का स्तर संतोषजनक स्थिति में नहीं पहुंच जाता।
बीएमसी द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 11 मई तक मुंबई को पानी सप्लाई करने वाले सभी सात जलाशयों में कुल उपयोग योग्य 3,40,399 मिलियन लीटर पानी था। जबकि पूरे साल के लिए शहर की कुल जरूरत 14,47,363 मिलियन लीटर है। यानी वर्तमान में उपयोग योग्य जल भंडार 24 प्रतिशत से भी कम है। लेकिन राहत की बात यह है कि भातसा डैम के मेंटेनेंस रिजर्व में 1,47,092 मिलियन लीटर अतिरिक्त पानी और अपर वैतरणा डैम में 90 हजार मिलियन लीटर पानी उपलब्ध है, जो जरुरत पड़ने शहरवासियों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
इस बीच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के नागरिकों से पानी बचाने और उसका जिम्मेदारी से उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा, कमजोर मॉनसून के प्रभाव को कम करने के लिए अभी से सभी को पानी बचाना शुरू करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को जल संरक्षण परियोजनाओं में तेजी लाने, जल प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने और पारंपरिक जल स्रोतों जैसे कुएं और तालाबों को पुनर्जीवित करने के भी निर्देश दिए। पिछले महीने सीएम फडणवीस की अध्यक्षता में दो उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक भी हुई।
Published on:
15 May 2026 02:06 pm
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