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Pati Patni Aur Wo Do Review: अवैध सबंधों के जंजाल में फंसा बेचारा पति, हंसाकर लोट-पोट कर देगी आयुष्मान की ये फिल्म

Pati Patni Aur Wo Do Movie Review: आयुष्मान खुराना, वामिका गब्बी, सारा अली खान और रकुल प्रीत सिंह की फिल्म पति पत्नी और वो दो आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। आखिर कैसी है फिल्म, पढ़ें हमारा रिव्यू।

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Pati Patni Aur Wo Do Review

Pati Patni Aur Wo Do Review (सोर्स- पत्रिका)

Pati Patni Aur Wo Do Review: बेचारा पति, ना घर का और ना ही घाट का। आयुष्मान खुराना की इस फिल्म को देखते हुए कुछ ऐसा ही लगता है। तीन-तीन लड़कियों के बीच अकेला प्रजापति पांडे इस तरह से फंसकर रह जाता है कि दर्शक हंसने पर मजबूर हो जाते हैं। ये एक कॉमेडी-ड्रामा फिल्म है जिसमें फैमिली ड्रामा भी है और कॉमेडी भी। आखिर कैसी है फिल्म, चलिए जानते हैं इस रिव्यू में।

फिल्म की कहानी (Pati Patni Aur Wo Do Review)

फिल्म की कहानी शुरू होती है प्रजापति पांडे की एंट्री से, जो कि प्रयागराज वन विभाग का अफसर है। जंगल से टाइगर भाग कर रिहायशी इलाके में आ जाता है जिसे रेस्क्यू करते हुए आयुष्मान की एंट्री होती है। उनकी पत्नी का किरदार निभा रही हैं वामिका गब्बी जो फिल्म में जर्नलिस्ट के तौर पर सवाल करते हुए नजर आती हैं। वहीं प्रजापति की दोस्त डॉ नीलोफर खान उर्फ रकुल प्रीत सिंह भी वन विभाग की टीम के साथ ही काम करती हैं।

अब यहां तक तो ऐसा लगता है जैसे फिल्म की कहानी बहुत बोरिंग होने वाली है। लेकिन इसके बाद ट्विस्ट का तड़का लेकर आती हैं सारा अली खान, जो कि फिल्म में चंचल के किरदार में नजर आ रही हैं। चंचल अपने कॉलेज के दोस्त प्रजापति के पास मदद मांगने आती है। अपने बॉयफ्रेंड के पिता से उसकी जान को खतरा है। हालांकि यहीं से फिल्म की असली कहानी शुरू हो जाती है। इसके बाद कैसे प्रजापति चंचल की मदद करते-करते अवैध सबंधों के एक के बाद एक जंजाल में फंसता चला जाता है, वो देखने के लिए आपको फिल्म ही देखनी पड़ेगी।

फिल्म का निर्देशन (Pati Patni Aur Wo Do Movie Review)

फिल्म का डायरेक्शन किया है मुदस्सर अजीज ने, जो इससे पहले 'खेल खेल में' और 'मेरे हसबेंड की बीवी' जैसी ग्रांड फिल्मों को बना चुके हैं। निर्देशक ने हर किरदार के साथ कॉमेडी को जोड़ा है। हर किरदार अपने साथ कॉमेडी का तड़का लेकर आता है, हालांकि कुछ लोग उसे निभाने में पूरी तरह से सफल रहते हैं वहीं कुछ लोग कॉमेडी करते हुए पूरी तरह से जस्टिफाई नहीं कर पाते। फिल्म के पहले पार्ट में ज्यादा हंसी नहीं आती है, हालांकि लेखकों ने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की है लेकिन कहीं ना कहीं फिल्म शुरुआत में थोड़ी बोरियत भरी लगती है। जोक्स काफी लेम लगते हैं। फिर जैसे ही इंटरवल आता है उसके बाद तो फिल्म ऐसी रफ्तार पकड़ती है कि कॉमेडी में हर मायने में छा जाती है।

फिल्म में किरदारों का अभिनय

फिल्म में मल्टीस्टार्स हैं ऐसे में हर रोल अपनी तरफ से अपना बेहतरीन प्रदर्शन करने की कोशिश करता है। आयुष्मान खुराना अपने चिर-परिचित अंदाज में दर्शकों को हंसाने का काम करते हैं। हालांकि रकुल प्रीत सिंह, वामिका गब्बी और सारा अली खान ने भी अपने किरदारों में ढलने की पूरी कोशिश की है।

हालांकि वहां पर थोड़ी चूक नजर आती है। वामिका कहीं ना कहीं तीनों अभिनेत्रियों में आउटशाइन करती नजर आती है, जबकि रकुल प्रीत सिंह और सारा अली खान अपना पूरा दम-खम दिखा नहीं सकी हैं।

फिल्म की कमियां

फिल्म में कभी-कभी कॉमेडी के नाम पर बहुत ही ज्यादा डबल मिनिंग सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। कई जगह ऐसा भी लगता है कि कॉमेडी के नाम पर फूहड़ता दिखाई जा रही है। कई जगह काफी बोरियत नजर आती है। इसके अलावा फिल्म में कोई भी अपना गाना नहीं है। गानों के नाम पर पुराने गानों का ही इस्तेमाल किया गया है।

फिल्म देखें या नहीं देखें

अगर आप फैमिली ड्रामा और जबरदस्त कॉमेडी के फैन हैं तो ये फिल्म आपको जरूर देखनी ही चाहिए। आप अपने परिवार के साथ भी इस फिल्म को देखने के लिए जा सकते हैं। हालांकि अगर आप फिल्म देखते हुए अपना दिमाग लगाना चाहते हैं और हर चीज के पीछे कोई ना कोई लॉजिक ढूंढते हैं तो ये फिल्म देखकर आप थोड़े हैरान और परेशान जरूर हो सकते हैं।

फिल्म को मिलते हैं 5 में से 3 स्टार्स

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