
भारतीय नौसेना द्वारा पकड़े गए 35 सोमालियाई समुद्री लुटेरों को रविवार को मुंबई के सत्र न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने लुटेरों को 10 दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है। भारतीय नौसेना ने समुद्री डकैती रोधी अभियान चलाकर सभी डाकुओं को एक मालवाहक जहाज से 16 मार्च को दबोचा था। शुरुआती जांच के बाद आगे की कार्रवाई के लिए उन्हें शनिवार को मुंबई पुलिस को सौंप दिया था।
40 घंटे चला था अभियान
अरब सागर में गश्त पर तैनात आईएनएस कोलकाता ने 40 घंटे से अधिक समय तक चले अभियान के बाद 16 मार्च को सोमालियाई समुद्री डाकुओं से मालवाहक जहाज एमवी रुएन को बचाया था। पिछले साल दिसंबर में एमवी रुएन पर सोमालियाई लुटेरों ने कब्जा कर लिया था। तब से यह उनके नियंत्रण में था। यह भी पढ़े-मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम का एक्शन! 5.36 करोड़ की विदेशी मुद्रा, 5 करोड़ का डायमंड और सोना जब्त
नौसेना ने भेजी वॉरशिप
भारतीय नौसेना ने हाल ही में एमवी रुएन को ट्रैक कर लिया और वॉरशिप आईएनएस कोलकाता को सोमालिया से लगभग 260 नॉटिकल माइल (एनएम) पूर्व में रुएन जहाज को रोकने का निर्देश दिया। जिसके बाद नौसना की वॉरशिप आईएनएस कोलकाता ने 15 मार्च की सुबह एमवी रुएन को रोका। फिर एक ड्रोन भेजकर हथियारों से लैस समुद्री डाकुओं की जानकारी जुटाई। इस दौरान समुद्री डाकुओं ने ड्रोन को मार गिराया और भारतीय नौसेना के युद्धपोत पर भी गोलीबारी की। जिसके बाद नौसेना ने अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के तहत कार्रवाई की।
समुद्र में उतारे मरीन कमांडो
जवाबी कार्रवाई में आईएनएस कोलकाता ने रुएन जहाज के स्टीयरिंग सिस्टम और नेविगेशनल सहायता को निष्क्रिय कर दिया। इसके परिणामस्वरूप समुद्री डाकुओं को जहाज रोकना पड़ा। इस दौरान आईएनएस कोलकाता बारीकी से उसपर न्नाजर बनाये हुए थी। इसके अलावा सुरक्षा बलों द्वारा बातचीत की प्रक्रिया भी जारी रखी गई।
इस बीच, 16 मार्च की सुबह क्षेत्र में गश्ती पोत आईएनएस सुभद्रा को तैनात किया गया। साथ ही उसी दिन दोपहर में सी-17 विमान से मरीन कमांडो (प्रहार) को एयर-ड्रॉप किया गया। इसके अतिरिक्त हेल आरपीए और पी8आई समुद्री टोही विमान की मदद से रुएन जहाज की निगरानी की जा रही थी।
नौसना के एक्शन के दौरान की तस्वीरें-
17 लोगों को सुरक्षित बचाया
नौसेना के दबाव और कार्रवाई के डर से सोमालियाई लुटेरों को 16 मार्च को दोपहर में आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर होना पड़ा। सभी 35 सोमालियाई लुटेरों को नौसेना ने हिरासत में ले लिया। एमवी रुएन पर मौजूद सभी 17 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। तलाशी के दौरान जहाज पर नौसेना के कमांडो को हथियारों, गोला-बारूद और प्रतिबंधित पदार्थ मिले।
1 मिलियन डॉलर का माल छुड़ाया
एमवी रुएन पर लगभग 37800 टन माल लदा है, जिसकी कीमत लगभग एक मिलियन डॉलर बताई जा रही है। इस जहाज को सुरक्षित रूप से भारत लाया गया है। साथ ही 35 समुद्री लुटेरों को लेकर वॉरशिप आईएनएस कोलकाता शनिवार सुबह मुंबई पहुंची।
Published on:
24 Mar 2024 05:43 pm
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