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Nag Panchami 2022 Special: महाराष्ट्र के इस गांव के हर घर में मिलते है सांप, यहां जहरीले नाग भी हैं इंसान के अच्छे दोस्त

2 अगस्त यानी आज नाग पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है। इस बार नाग पंचमी पर सिद्ध योग के साथ रवि नामक योग भी बन रहा है। इस अवसर में नाग देवता की पूजा-अर्चना करने से कालसर्प दोष दूर होता है और महादेव की कृपा बनी रहती है। सावन मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है।

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हिंदू धर्म के अनुसार सावन महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 2 अगस्त को मनाया जा रहा है। नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा का विधान है। कहा जाता है कि इस दिन नागों की पूजा-अर्चना करने से भगवान शिव का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है। नाग पंचमी के अवसर पर हम आपको हम आपको महाराष्ट्र के एक ऐसे गांव के बारे में बताएंगे जहां हर घर में सांप होते है। ये सांप किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते है।

हिंदी पंचांग के मुताबिक, श्रावण मास के शुक्लपक्ष की पंचमी को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस बात का उल्लेख शिव पुराण में भी किया गया है। हिंदू धर्म शास्त्रों की मानें तो इस दिन जो व्यक्ति नाग देवता की पूजा के साथ भगवान शिव का रुद्राभिषेक करता है, उसके जीवन के सारे दुख दूर हो जाते हैं। यह भी पढ़ें: Sawan 2022: महाराष्ट्र में भगवान शिव के इस मंदिर का पांडवों ने एक ही रात में किया था निर्माण, ऐसा है यहां का शिवलिंग

महाराष्ट्र के इस गांव में हर जगह मिलते हैं सांप: महाराष्ट्र के पुणे से करीब 200 किमी दूर सोलापुर जिले में शेतपाल नाम का एक गांव है। इस गांव में आपको सिर्फ मंदिरों में ही नहीं बल्कि हर घर में सांप नजर आएगा। इस गांव में आपको कोबरा खुलेआम घूमते दिखाई देंगे और उनको कोई रोकता-टोकता भी नहीं है। दिलचस्प बात ये है कि ये सांप भी किसी को कोई भी नुकसान नहीं पहुंचाते है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस गांव में 2800 से ज्यादा कोबरा रहते हैं और यहां उनकी पूजा भी की जाती है। हैरान कर देने वाली बात ये है कि इस गांव में इतने सारे सांप और कोबरा रहने के बाद भी सांप द्वारा किसी इंसान को काटने का एक भी मामला सामने नहीं आया है। गांव में बने स्कूल में भी क्लास के दौरान सांप आ जाते हैं और इन सांपो से बच्चों को बिलकुल भी डर नहीं लगता है। यहां आपको इंसानों और सांप का एक खास मेलजोल देखने को मिलेगा। इस गांव में जब भी किसी का नया घर बनता है तो सांपों के लिए एक कोना जरूर बनवाते हैं, जिसे देवस्थान कहा जाता है।