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नांदेड में सरकारी सिस्टम से परेशान था शिक्षक, दो मासूम बच्चों के साथ कार नदी में उतार दी; तीनों की हुई मौत

Nanded teacher suicide Sunil: महाराष्ट्र के नांदेड जिले में वरिष्ठ अधिकारियों के मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर जिला परिषद स्कूल के एक शिक्षक सुनील मोरे ने अपने दो मासूम बच्चों के साथ गोदावरी नदी में कार कुदाकर खुदकुशी कर ली। खुदकुशी से ठीक पहले उन्होंने व्हाट्सएप स्टेटस पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए सुसाइड नोट पोस्ट किया था
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मुंबई

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Imran Ansari

Jul 17, 2026

Nanded teacher suicide Sunil

दो मासूम बच्चों के साथ कार नदी में उतार दी, फोटो सोर्स- एक्स ( @Navatkaytheval )

Sunil More children drowned Nanded: महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। दरअसल, यहां जिला परिषद (ZP) स्कूल के एक शिक्षक ने शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों की प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर अपने दो मासूम बच्चों के साथ कार को गोदावरी नदी में कुदाकर आत्महत्या कर ली। यह दुखद घटना आज शुक्रवार की सुबह नांदेड़ शहर के पास स्थित आमदुरा पुल के पास घटित हुई।

खुदकुशी से पहले व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखा सुसाइड नोट

घटना को अंजाम देने से ठीक पहले शिक्षक ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर एक बेहद चौंकाने वाला सुसाइड नोट पोस्ट किया था। उन्होंने स्टेटस में लिखा कि वे ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO), केंद्र प्रमुख और विस्तार अधिकारियों के लगातार उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर अपने बच्चों के साथ यह कदम उठा रहे हैं। मृतकों की पहचान शिक्षक सुनील मोरे और उनके दोनों मासूम बच्चों के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से पूरे नांदेड़ जिले और शिक्षा जगत में भारी हड़कंप मच गया है

'स्कूल छोड़ने जा रहा हूं', कहकर घर से निकले थे सुनील

मृतक सुनील मोरे मूल रूप से भोकर तालुका के टेम्बर गांव के रहने वाले थे। वे हिमायतनगर तालुका के पोटा स्थित जिला परिषद स्कूल में कार्यरत थे। पिछले कुछ सालों से वे अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के साथ सांगवी के गोपालनगर इलाके के एक अपार्टमेंट में रह रहे थे। आज सुबह वे रोज की तरह अपने दोनों बच्चों को कार में बैठाकर 'स्कूल छोड़ने जा रहा हूं' कहकर घर से निकले थे। लेकिन सुबह करीब 7 बजे उन्होंने मुदखेड़ तालुका के पुणे गांव क्षेत्र के आमदुरा घाट से सीधे गोदावरी नदी के गहरे पानी में अपनी कार कुदा दी।

'मेरे पास अधिकारियों के खिलाफ कई सबूत हैं',

मिली जानकारी के अनुसार, आत्महत्या करने से ठीक पहले सुनील मोरे ने अपने एक साथी शिक्षक के साथ फोन पर बातचीत की थी, जिसका विवरण भी सामने आया है। फोन पर बातचीत के दौरान उनके सहयोगी ने उनसे हाथ जोड़कर विनती की थी कि हम सब साथ मिलकर लड़ेंगे, तुम ऐसा कोई गलत कदम मत उठाओ।' इस पर सुनील मोरे ने बेहद हताश आवाज में कहा कि मेरे पास इन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कई पुख्ता सबूत हैं, लेकिन अब बहुत हो चुका। उन्होंने अपने व्हाट्सएप स्टेटस में खुलासा किया कि पिछले दो वर्षों से हदगांव के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और केंद्र प्रमुख अलग-अलग बहाने से उनकी जांच कर रहे थे और उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। उन्होंने स्टेटस में आरोपी अधिकारियों के नामों का भी स्पष्ट उल्लेख किया है।

नदी से निकाले गए तीनों शव

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण, पुलिस प्रशासन और संबंधित अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। नदी में डूबी कार को ढूंढने के लिए एसडीआरएफ (SDRF) की रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने कार को गोदावरी नदी से बाहर निकाला, जिसमें से शिक्षक सुनील मोरे और उनके दोनों मासूम बच्चों के शव बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस ने मामले की जांच और आरोपी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।