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नासिक में पिकनिक बनी मातम: दोस्तों संग झरने पर गया था अभिजीत, तेज बहाव में डूबने से मौत

Nashik Waterfall Accident: नासिक के दुगारवाड़ी झरने पर दोस्तों के साथ घूमने गए 20 साल के अभिजीत पवार की तेज बहाव में डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद दोस्तों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने मानसून में झरनों और नदी-नालों के पास सावधानी बरतने की अपील की है।
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मुंबई

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Imran Sheikh

Jul 17, 2026

Nashik Waterfall Accident

प्रतीकात्मक तस्वीर

Nashik Waterfall Accident: महाराष्ट्र के नासिक जिले से दर्दनाक हादसा सामने आया है। दोस्तों के साथ मानसून का मजा लेने दुगारवाड़ी झरने पहुंचे 20 साल के युवक की पानी के तेज बहाव में डूबने से मौत हो गई। कुछ ही देर पहले तक दोस्तों के साथ हंसी-मजाक कर रहा युवक देखते ही देखते लहरों में समा गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर मौजूद उसके दोस्तों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक की पहचान अभिजीत पवार (20) के रूप में हुई है, जो नासिक के जेल रोड इलाके का रहने वाला था। जानकारी के अनुसार, अभिजीत गुरुवार सुबह अपने सात दोस्तों और तीन सहेलियों के साथ त्र्यंबकेश्वर के पास स्थित दुगारवाड़ी झरने पर घूमने गया था। बारिश के मौसम में सभी झरने के आसपास प्राकृतिक नजारों का आनंद ले रहे थे। इसी दौरान अभिजीत पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गया और देखते ही देखते गहरे पानी में डूब गया।

सीपीआर भी दिया, मगर नहीं बची जान

हादसे के तुरंत बाद उसके दोस्तों ने वन विभाग और त्र्यंबकेश्वर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी कुणाल मोरे मौके पर पहुंचे और अभिजीत को पानी से बाहर निकालकर उसकी जान बचाने की कोशिश की। उन्होंने मौके पर ही सीपीआर दिया और फिर उसे अपने कंधे पर उठाकर ऊपर तक लाए। इसके बाद निजी वाहन से उसे त्र्यंबक उपजिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

सदमे के कारण दोस्तों की भी बिगड़ी तबीयत

इस हादसे का सबसे ज्यादा असर उन दोस्तों पर पड़ा, जिन्होंने अभिजीत को अपनी आंखों के सामने डूबते देखा। सदमे के कारण उसके तीन दोस्तों प्रणव खरे, जय चौगे और रितेश खरे की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कर प्राथमिक उपचार दिया गया। वहीं पुलिस ने पंचनामा पूरा करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। मामले की जांच स्थानीय पुलिस कर रही है।

घटना के बाद त्र्यंबकेश्वर पुलिस और वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में झरनों, नदियों और पहाड़ी इलाकों में बिना सुरक्षा के पानी के भीतर उतरने से बचें। अधिकारियों का कहना है कि कई बार शांत दिखने वाला पानी भी अचानक तेज बहाव का रूप ले लेता है, जिससे कुछ ही सेकंड में बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासन ने पर्यटकों से सतर्क रहने और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है।

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