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नवनीत और रवि राणा को बड़ा झटका, हनुमान चालीसा मामले में कोर्ट ने खारिज की याचिका

locationमुंबईPublished: Dec 19, 2023 06:27:49 pm

Submitted by:

Dinesh Dubey

Navneet Rana Ravi Rana: कोर्ट ने सांसद नवनीत राणा और विधायक रवि राणा को अगली सुनवाई में पेश होने का निर्देश दिया गया है।

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नवनीत राणा और रवि राणा की मुश्किलें बढ़ी
Navneet Rana Hanuman Chalisa Case: बीजेपी को समर्थन देने वाली निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके पति विधायक रवि राणा को बड़ा झटका लगा है। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निजी आवास ‘मातोश्री’ के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने के मामले में मुंबई सेशन कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने राणा दंपत्ति की केस रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है।
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के मातोश्री आवास के बाहर हनुमान चालीसा का जाप करने के मामले में अमरावती से एमपी नवनीत राणा और एमएलए रवि राणा आरोपी है। उनके खिलाफ खार पुलिस स्टेशन में केस दर्ज है। इस केस को रद्द करने के लिए राणा दंपत्ति ने याचिका दायर की थी। उस याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
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राणा दंपत्ति ने दावा किया था कि एफआईआर दर्ज होने से पहले ही गिरफ्तारी की गई, जो कि अवैध थी। हालांकि कोर्ट ने उनके दावे को खारिज कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राहुल रोकडे ने मामले की सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था, जो आज सुनाया गया।
साथ ही कोर्ट ने सांसद नवनीत राणा और विधायक रवि राणा को अगली सुनवाई में पेश होने का निर्देश दिया गया है। हालांकि याचिका खारिज होने के बाद अब कोर्ट की ओर से ट्रायल की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस मामले में आरोप निर्धारण की प्रक्रिया अगले साल 5 जनवरी को होगी।

क्या है पूरा मामला?

महाविकास अघाडी (एमवीए) सरकार के दौरान अमरावती के निर्दलीय विधायक रवि राणा और उनकी सांसद पत्नी नवनीत ने मुंबई में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास 'मातोश्री' के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की घोषणा की थी। हालांकि मुंबई पुलिस ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने का हवाला देते हुए उन्हें ऐसा नहीं करने के लिए नोटिस जारी किया था।
हालांकि पुलिस के नोटिस के बावजूद ठाकरे के खिलाफ राणा दंपत्ति ने आंदोलन का बिगुल फूंका। फिर उसी शाम खार पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। राणा दंपत्ति के खिलाफ मुंबई पुलिस ने आईपीसी की धारा 153ए, 34,37 के साथ मुंबई पुलिस अधिनियम 135 के तहत मामला दर्ज किया था। बाद में आईपीसी की धारा 124ए के तहत राजद्रोह का अपराध भी बढ़ा दिया गया। बांद्रा मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। कई दिन जेल में रहने के बाद नवनीत और रवि राणा को सशर्त जमानत मिली।

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