
महाराष्ट्र से बड़ी खबर है। शरद पवार की पार्टी एनसीपी-एसपी के विधायक जितेंद्र आव्हाड के काफिले पर हमला हुआ है। चौंकाने वाली बात ये है कि पुलिस सुरक्षा के बावजूद आव्हाड की चलती कार पर बीच सड़क हमला किया गया। गनीमत रही कि जितेंद्र आव्हाड को कोई चोट नहीं लगी। आरोप है कि यह हमला पूर्व सांसद संभाजीराजे छत्रपति के समर्थकों ने किया है।
यह सनसनीखेज घटना महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) में हुई है। शरद पवार के करीबी माने जाने वाले जितेंद्र आव्हाड ने पिछले महीने विशालगढ़ किले पर हुई हिंसा को लेकर संभाजीराजे छत्रपति की आलोचना की थी। इसको लेकर संभाजीराजे के समर्थक आक्रामक हो गए और उन्होंने एनसीपी नेता की कार तोड़ दी।
मराठा शाही परिवार के वंशज संभाजीराजे छत्रपति ने विशालगढ़ किले के अतिक्रमण के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है। उनके संगठन ने विशालगढ़ में विरोध प्रदर्शन भी किया। इस आंदोलन के बाद आव्हाड ने संभाजीराजे पर निशाना साधा था।
आव्हाड आज छत्रपति संभाजीनगर के दौरे पर थे। जब वह संभाजीनगर से ठाणे की ओर जा रहे थे, तभी कम से कम तीन लोगों ने उनकी कार पर हमला कर दिया। अज्ञात हमलावरों ने आव्हाड की कार पर लाठी-डंडो से हमला किया। संभाजीराजे छत्रपति के स्वराज्य संगठन के कार्यकर्ताओं ने आव्हाड की कार पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली है।
बता दें कि विशालगढ़ किले का मराठा इतिहास में गहरा महत्व है क्योंकि छत्रपति शिवाजी महाराज 1660 में पन्हाला किले में घेराबंदी के बाद यहां बचकर आए थे। कथित तौर पर विशालगढ़ पर बीते कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अवैध अतिक्रमण किया हुआ है। हालांकि यह मामला अदालत में लंबित है।
पूर्व सांसद संभाजीराजे छत्रपति और अन्य हिंदूवादी संगठनों ने किले पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए 14 जुलाई को विशालगढ़ किले पर जाने की धमकी दी थी। इसलिए विशालगढ़ किले पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। 14 जुलाई को जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को किले के निचले हिस्से में रोका तो हिंसा भड़क गई। हिंसक भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और धर्मविशेष की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया।
संभाजीराजे छत्रपति ने विशालगढ़ किले पर से सभी अतिक्रमणों को हटाने की चेतावनी दी है, भले वह किसी भी जाति और धर्म के लोगों या फिर सरकार के ही क्यों न हो। उन्होंने कहा कि किले पर बकरे-मुर्गियों का कत्ल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विधायक अमोल मिटकरी द्वारा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे को ‘सुपारीबाज नेता’ कहे जाने के बाद मनसे कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को उनकी कार में तोड़फोड़ की। अजित पवार गुट के नेता मिटकरी मंगलवार को जब अकोला के सरकारी रेस्ट हाउस में पहुंचे तो गुस्साए मनसे कार्यकर्ताओं ने उनकी कार पर हमला किया। इस मामले में कुल 13 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने कथित मुख्य आरोपी पंकज साबले और मनसे पदाधिकारी सौरभ भगत को गिरफ्तार किया है। पंकज साबले मनसे के अकोला जिला अध्यक्ष हैं।
Updated on:
01 Aug 2024 05:22 pm
Published on:
01 Aug 2024 05:09 pm
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