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महाकुंभ में NCP के वरिष्ठ नेता को आया हार्ट अटैक, इलाज मिलने से पहले हुई मौत

Mahesh Kothe Death in Mahakumbh Mela : कुंभ मेले में पवित्र स्नान के लिए महेश कोठे प्रयागराज गए थे। आज सुबह उन्हें जबरदस्त दिल का दौरा पड़ा। शरद पवार की एनसीपी ने उन्हें सोलापुर उत्तर निर्वाचन क्षेत्र से टिकट दिया था।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jan 14, 2025

Mahesh Kothe death in Prayagraj Kumbh Mela

प्रयागराज के महाकुंभ मेले (Mahakumbh Mela 2025) में पवित्र स्नान के बाद श्रद्धालुओं को दिल का दौरा पड़ने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। मंगलवार को महाकुंभ में एनसीपी शरद पवार गुट के कद्दावर नेता महेश कोठे (Mahesh Kothe Died) की हार्ट अटैक से जान चली गई।

जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र के सोलापुर के पूर्व मेयर महेश कोठे महाकुंभ मेले के लिए प्रयागराय गए थे, जहां दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई। वह 55 वर्ष के थे। आज सुबह उन्हें तीव्र दिल का दौरा पड़ा। इसमें उनकी मौत हो गयी।

बताया जा रहा है कि महेश कोठे को हार्ट अटैक आने के तुरंत बाद स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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महेश कोठे ने 2024 का महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव सोलापुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से लड़ा था। हालांकि, वह चुनाव हार गये थे। महेश कोठे सोलापुर जिले के एक प्रमुख नेता थे। अब अचानक उनके निधन से सोलापुर में शोक की लहर दौड़ पड़ी है।

सोलापुर की राजनीति में महेश कोठे का काफी प्रभाव था. वह सोलापुर नगर निगम के मेयर थे। महेश कोठे सोलापुर के सबसे युवा मेयर बने थे। इसके साथ ही वह नेता प्रतिपक्ष, नेता सदन भी रह चुके हैं। उन्होंने कांग्रेस, शिवसेना, एनसीपी पार्टी में रहकर स्थानीय मुद्दों को प्रखरता से उठाया था।

महेश कोठे राष्ट्रवादी शरद पवार गुट के वरिष्ठ नेता थे। वह 2021 में शिवसेना छोड़कर एनसीपी में शामिल हो गए। एनसीपी के दो गुटों में बंटने के बाद महेश कोठे ने शरद पवार के साथ रहने का फैसला किया।

हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में शरद पवार की एनसीपी (एसपी) ने उन्हें सोलापुर उत्तर सीट से उम्मीदवार बनाया था। हालांकि वह सोलापुर उत्तर निर्वाचन क्षेत्र से विजय देशमुख से हार गए।

वरिष्ठ नेता महेश कोठे ने चार से पांच बार विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन एक बार भी जीत नहीं सके। लेकिन स्थानीय महानगर पालिका में उनका गहरा प्रभाव था। उनके 10 से 15 समर्थक हमेशा पार्षद चुने जाते थे। महेश कोठे के भतीजे देवेंद्र कोठे वर्तमान में बीजेपी से विधायक हैं।