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NCRB की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा, मुंबई में साइबर क्राइम में 18 प्रतिशत की हुई बढ़ोतरी

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के एक रिपोर्ट में एक बड़ा खुलासा हुआ है। NCRB के मुताबिक, साल 2021 में मुंबई में साइबर अपराधों में 18% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लेकिन वास्तविक संख्या बहुत अधिक हो सकती है क्योंकि साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक कई मामलों की रिपोर्ट नहीं की गई है या कई लिखित शिकायतों को प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) में परिवर्तित नहीं किया गया है।

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पिछले कुछ सालों में मुंबई में साइबर अपराध में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट में पता चला है कि साल 2021 में मुंबई में साइबर अपराधों में 18% की वृद्धि दर्ज की गई है, लेकिन वास्तविक संख्या बहुत ज्यादा हो सकता है क्योंकि साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, कई मामलों की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है या कई लिखित शिकायतों को एफआईआर में बदला नहीं गया है।

क्राइम इन इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2020 में 2,433 के मुकाबले साल 2021 में साइबर अपराधों के 2,883 मामले दर्ज किए गए है। जो पिछले साल की तुलना में इंटरनेट से संबंधित धोखाधड़ी में 18% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालाँकि, अगस्त 2020 से अगस्त 2021 तक एक साल में महाराष्ट्र राज्य साइबर सेल के पास ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी की 58 हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई। यह भी पढ़ें: Maharashtra News: BMC चुनाव में शिवसेना का वोट बैंक तोड़ेगी राज ठाकरे की मनसे? BJP खेल सकती है ये मास्टर स्ट्रोक

बता दे कि साल 2021 में 6,523 मामलों के साथ बेंगलुरु इस लिस्ट में सबसे ऊपर है, इसके बाद दूसरे नंबर पर हैदराबाद (3303) है। वहीं, मुंबई तीसरे नंबर पर है। राज्यों की बात करें तो अपराधों की पूर्ण संख्या में महाराष्ट्र चौथे स्थान पर है। महाराष्ट्र और मुंबई में रिपोर्ट किए गए अधिकांश मामलों को डेबिट/क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, यौन शोषण, बदनामी, क्रोध, व्यक्तिगत बदला, जबरन वसूली, सार्वजनिक सेवा बाधित, और विविध के तहत वर्गीकृत किया गया है।

इस मामले में महाराष्ट्र के पूर्व डीजीपी डी शिवानंदन ने बताया कि भविष्य के सभी अपराध साइबर होंगे और इसलिए पुलिस की कैपेसिटी को बढ़ाने की जरुरत है। लोगों को शिकायत दर्ज करने के प्रोसेस के बारे में पता नहीं है और उन्हें पता चलने की उम्मीद नहीं है। इसके अलावा, पुलिस आसानी से पता लगाने योग्य अपराधों को चुनती है। वहीं, साइबर विशेषज्ञ रितेश भाटिया ने कहा कि साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नए हथकंडे अपना रहे हैं।