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14 महीने कोमा में रहने के बाद महाराष्ट्र की नीलम शिंदे का अमेरिका में निधन, पिता ने पूरी की आखिरी इच्छा

Neelam Shinde death: नीलम का अंतिम संस्कार आज अमेरिका में ही हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार किया गया। हालांकि अपनी बेटी को अंतिम विदाई देने बुजुर्ग पिता नहीं पहुंच सके।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Apr 08, 2026

Satara Neelam Shinde death in US

अमेरिका में हिट-एंड-रन हादसे की शिकार नीलम शिंदे की मौत (Photo: X/IANS)

महाराष्ट्र के सतारा जिले के उमरज की रहने वाली 35 वर्षीय छात्रा नीलम तानाजी शिंदे का अमेरिका में निधन हो गया। वह पिछले करीब 14 महीनों से कोमा में थीं। पिछले साल फरवरी में हुए हिट-एंड-रन हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद से वह कभी होश में नहीं आ सकीं। इस हादसे में उनके सिर और पैरों में गंभीर चोट आई थी। नीलम का तब से ही कैलिफोर्निया के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था।

लंबी जंग हार गईं नीलम शिंदे

हादसे के बाद नीलम को सिर, हाथ, पैर और छाती में गंभीर चोटें लगी थीं। डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी कर उनकी जान बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी हालत लगातार नाजुक बनी रही। उन्हें लंबे समय तक आईसीयू में रखा गया, जहां उनके स्वास्थ्य में कोई खास सुधार नहीं हो पाया।

लाइफ सपोर्ट हटाते ही दुनिया को कहा अलविदा

इलाज के दौरान नीलम को फीडिंग ट्यूब से जुड़ा संक्रमण भी हो गया, जिससे उनकी स्थिति और बिगड़ती चली गई। लगातार गिरती हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने पिछले महीने 28 मार्च को लाइफ सपोर्ट हटाने का फैसला लिया। इसके बाद उनकी स्थिति तेजी से बिगड़ी और आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया।

अंतिम इच्छा ने दी कई लोगों को नई जिंदगी

नीलम शिंदे की कहानी सिर्फ दुख तक सीमित नहीं रही, बल्कि मानवता की मिसाल भी बन गई। उन्होंने जीवित रहते हुए अंगदान का संकल्प लिया था। उनके निधन के बाद पिता तानाजी शिंदे ने बेटी की इस अंतिम इच्छा को पूरा किया। करीब आठ दिनों तक चली प्रक्रिया के बाद नीलम की त्वचा और कॉर्निया सहित अन्य महत्वपूर्ण अंग दान किया, जिससे कई लोगों को नई जिंदगी मिल सकेगी।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

इस दुखद घटना ने नीलम के परिवार को पूरी तरह झकझोर दिया है। हादसे से कुछ समय पहले ही नीलम की मां का निधन हो गया था, जिससे उनके पिता तानाजी शिंदे को अकेले ही इस कठिन परिस्थिति का सामना करना पड़ा। बेटी के इलाज के लिए उन्हें वीजा पाने के लिए भी काफी संघर्ष करना पड़ा था।

रिश्तेदारों के सहारे चल रहा था इलाज

वीजा खत्म होने के बाद 69 वर्षीय तानाजी शिंदे को भारत लौटना पड़ा। इसके बाद नीलम की देखभाल की जिम्मेदारी अमेरिका में रहने वाले एक रिश्तेदार ने संभाली, जो हर हफ्ते नीलम को देखने 250 किमी दूर अस्पताल जाते थे।

अमेरिका में ही हुआ अंतिम संस्कार

नीलम का अंतिम संस्कार 8 अप्रैल को अमेरिका में ही हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार किया गया, जिसकी जिम्मेदारी वहां मौजूद उनके रिश्तेदारों ने संभाली। हालांकि पिता नहीं जा सके।

4 साल से अमेरिका में कर रही थीं पढ़ाई

नीलम शिंदे पिछले चार वर्षों से अमेरिका में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रही थीं। उनका सपना एक सफल करियर बनाना था, लेकिन एक हादसे ने उनकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी।

अमेरिका में कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी में पोस्ट ग्रेजुएट छात्रा नीलम शिंदे को 14 फरवरी 2025 को एक कार ने पीछे से टक्कर मार दी थी। नीलम को टक्कर मारने वाली कार के ड्राइवर लॉरेंस गैलो (58) को 19 फरवरी को हादसे के पांच दिन बाद ही गिरफ्तार कर लिया गया था।