
NEET Paper Leak Case : नीट पेपर लीक मामले में बिहार और उत्तर प्रदेश के बाद अब महाराष्ट्र कनेक्शन सामने आया है। नांदेड से आई एटीएस टीम ने शनिवार को लातूर से दो जिला परिषद शिक्षकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। कई घंटों की पूछताछ के बाद देर रात उन्हें छोड़ दिया गया। हालांकि कुछ घंटों बाद लातूर पुलिस ने इस मामले की जांच तेज करते हुए एक शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में चार शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र एटीएस ने नीट पेपर लीक मामले की जांच शुरू की थी और बाद में यह मामला लातूर पुलिस को हैंडओवर कर दिया। लातूर पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया है। चार शिक्षकों के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जिमसें से 2 शिक्षकों से पहले ही एटीएस पूछताछ कर चुकी है।
एटीएस सूत्रों के मुताबिक, 2 शिक्षकों के पास से कम से कम 12 छात्रों के एडमिट कार्ड मिले है, जो अन्य किसी को भेजे गए है। अब तक की जांच में उनके फोन में छात्रों के एडमिट कार्ड मिले है और पैसे की लेनेदेन के भी सबूत मिले है। एडमिट कार्ड किसे और क्यों भेजे गए, पैसों का लेनदेन हुआ है क्या? इन सभी सवालों का जवाब जानने के लिए लातूर पुलिस जांच कर रही है।
मेडिकल प्रवेश परीक्षा का पेपर लीक होने के तार लातूर से जुड़े होने की सूचना मिलने के बाद नांदेड एटीएस ने लातूर में छापेमारी कर जिला परिषद के दो शिक्षकों संजय जाधव और जलील उमरखां पठान को हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद एटीएस ने उन्हें छोड़ दिया था। बाद में लातूर पुलिस ने पठान को गिरफ्तार कर लिया। वहीँ, दूसरा आरोपी संजय जाधव फरार बताया जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, लातूर के रहने वाले संजय जाधव चाकूर तालुक के बोथी तांडा के रहने वाले हैं। जाधव वर्तमान में सोलापुर के टाकली जिला परिषद प्राइमरी स्कूल में कार्यरत हैं। वहीँ, लातूर के अंबाजोगाई रोड इलाके में रहने वाले जलील उमरखां पठान कातपुर के एक जिला परिषद स्कूल में शिक्षक हैं। बताया जा रहा है कि दोनों शिक्षक लातूर में निजी कोचिंग सेंटर चलाते है।
Updated on:
24 Jun 2024 12:08 pm
Published on:
24 Jun 2024 12:05 pm
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