
TCS धर्मांतरण और उत्पीड़न की मास्टरमाइंड निदा खान फरार (Photo: X/IANS)
महाराष्ट्र के नासिक स्थित प्रतिष्ठित आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के भीतर महिलाओं के यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के मामले में सनसनीखेज खुलासे हो रहे है। इस मामले में नासिक के मुंबई नाका और देवलाली पुलिस स्टेशनों में कुल आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम की मुख्य साजिशकर्ता मानी जाने वाली निदा खान पिछले 20 दिनों से फरार है। कंपनी के कामकाज की आड़ में चल रहे इस काले खेल ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों की पहचान दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और महिला प्रबंधक (संचालन) अश्विनी के रूप में हुई है। इस मामले के सामने आने के बाद कंपनी ने सभी को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई आठ महिला कर्मचारियों की शिकायतों पर हो रही है।
नासिक पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि टीसीएस बीपीओ कंपनी में मैनेजर और टीम लीडर के पद पर कार्यरत निदा खान इस पूरे नेटवर्क का संचालन कर रही थी। रोजाना होने वाली मीटिंग्स, जो आधिकारिक तौर पर काम के नियोजन के लिए होती थीं, लेकिन उनका इस्तेमाल हिंदू लड़कियों पर मानसिक दबाव बनाने और उन्हें धर्मांतरण के लिए मजबूर करने के लिए किया जाता था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, निदा खान ऑपरेशन डिपार्टमेंट की जिम्मेदारी संभालते हुए नई आने वाली युवतियों को जानबूझकर आरोपी पुरुषों के पास ट्रेनिंग के लिए भेजती थी, ताकि उन्हें प्रेम जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा सके।
इस मामले में जब पुलिस ने कंपनी की वरिष्ठ अधिकारी अश्विनी छनानी को गिरफ्तार कर कड़ी पूछताछ की, तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। इस अपराध में छह पुरुष और दो महिला आरोपी शामिल हैं, जो एक एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से आपस में जुड़े हुए थे। इसी ग्रुप के जरिए पीड़ित लड़कियों पर नजर रखी जाती थी और उनके शोषण की योजना बनाई जाती थी। मामले की गंभीरता और काम करने के तरीके को देखते हुए जांच एजेंसियों को इसमें किसी अंतरराष्ट्रीय रैकट के सक्रिय होने का भी संदेह है।
26 वर्षीय निदा एजाज खान साल 2021 से टीसीएस में काम कर रही थी। मूल रूप से नासिक के द्वारका क्षेत्र की रहने वाली निदा, कंपनी में 'टारगेट टीम' की प्रमुख थी। लड़कियों को धर्मांतरण के जाल में फंसाने के लिए वह मुख्य भूमिका निभाती थी और जरूरत पड़ने पर अन्य आरोपियों को आर्थिक मदद भी मुहैया कराती थी।
पुलिस का मानना है कि निदा की गिरफ्तारी के बाद ही इस बात का खुलासा होगा कि इस पूरे रैकट के पीछे असली चेहरा किसका है और इसके तार कहां तक जुड़े हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है। एसआईटी गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों को खंगाला रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उन्हें अवैध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए बाहर से पैसे मिल रहे थे।
निदा खान पिछले 20 दिनों से पुलिस को चकमा दे रही है। उसकी तलाश के लिए नासिक पुलिस ने तीन विशेष टीमें गठित कर अलग-अलग ठिकानों पर रवाना की हैं। हालांकि, अभी तक उसका कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और उसके करीबियों से पूछताछ के जरिए निदा तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा, जिससे इस उत्पीड़न व धर्मांतरण गिरोह के बड़े राज सामने आएंगे।
Updated on:
16 Apr 2026 09:15 am
Published on:
16 Apr 2026 09:03 am
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