4 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Maha Vitran News: अब शिकायत लेकर कहां जाएंगे बिजली उपभोक्ता, इसकी समीक्षा करेगा बिजली मंत्रालय ?

बिजली उपभोक्ताओं ( Electricity consumers ) के लिए राज्य ( State ) की शिकायत निवारण ( Grievance redressal ) समितियां बंद, बिजली मंत्रालय ( Ministry of Power ) करेगा समीक्षा, कई कठिनाइयों के चलते ऊर्जा मंत्री ( Energy Minister ) का फैसला, कंपनी के दोनों निदेशकों ने दे दिया इस्तीफा

2 min read
Google source verification
Maha Vitran News: अब शिकायत लेकर कहां जाएंगे बिजली उपभोक्ता, इसकी समक्षी करेगा बिजली मंत्रालय ?

Maha Vitran News: अब शिकायत लेकर कहां जाएंगे बिजली उपभोक्ता, इसकी समक्षी करेगा बिजली मंत्रालय ?

मुंबई.तत्कालीन फड़नवीस सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए जिला और तालुका शिकायत निवारण समितियों का गठन किया था। वहीं कई जगहों सुनने में आया है कि इन समितियों पर राजनीतिक नियुक्तियोंके लिए ठेकेदारों को दैनिक मरम्मत और रखरखाव के काम में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इसीलिए ऊर्जा मंत्री नितिन राउत आखिरकार समिति को खारिज करने का फैसला करेंगे। इसके अलावा ऊर्जा विभाग का कार्यभार संभालने के बाद पहले बार में एमएसईबी होल्डिंग कंपनी के निदेशक की नियुक्ति के संबंध में भी राउत ने सवालिया निशान लगाया है। दरअसल, ये नियुक्तियां भाजपा के दौर में की गई थीं। इसलिए उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि वे इस तरह की नियुक्तियों के बारे में जांच करेंगे। हालांकि होल्डिंग कंपनी के दोनों निदेशकों ने इस्तीफा दे दिया। अब यह बताया गया है कि जिला और तहसील स्तर पर शिकायत समितियों की बिजली मंत्रालय की ओर से समीक्षा की जाएगी।

Mumbai Electricity: अरे ये क्या, मुंबईकरों को अब महंगी बिजली मिलेगी ?

राउत ने उठाया ठोस कदम...
बता दें कि तत्कालीन भजपा सरकार के ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने ग्रामीण बिजली कर्मचारियों की सेवा पर लटकती तलवार को ध्यान में रहते हुए नियुक्त करने का महत्वाकांक्षी निर्णय लिया था। हालांकि कई उदाहरणों में यह पाया गया है कि ये नियुक्तियां राजनीतिक हस्तक्षेप के साथ की गई हैं। इसलिए ऐसी नियुक्तियों के मामले में मंत्री डॉ. राउत ने ठोस कदम उठाया है।

एमएसईबी में बिजली की कमी, महाराष्ट्र में इसलिए मंडरा रहा संकट