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महाराष्ट्र में सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, पुरानी पेंशन योजना हो सकती है लागू, CM शिंदे ने दिया संकेत

Old Pension Scheme in Maharashtra: पुरानी पेंशन योजना के तहत सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद एक निर्धारित पेंशन मिलती है। इसके तहत, कर्मचारी को उसके अंतिम वेतन (बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता) की 50 प्रतिशत राशि पेंशन के रूप में मिलती है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jan 22, 2023

7th Pay Commission 7th cpc

सातवां वेतन आयोग की खबर

7th Pay Commission 7th CPC News: देशभर में पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) को लागू करने की मांग जोर पकड़ रही है। राजस्थान, झारखंड और हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों ने पुरानी पेंशन को लागू कर दिया है. जबकि कुछ राज्य सरकारों ने भी इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। इस लिस्ट में अब महाराष्ट्र (Maharashtra) का नाम भी जुड़ गया है। महाराष्ट्र सरकार राज्य में पुरानी पेंशन योजना (Maharashtra Old Pension Scheme) लागू करने की मांग पर विचार कर रही है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने कहा है कि राज्य सरकार शिक्षकों (Teachers Old Pension Scheme) और सरकारी कर्मचारियों (Government Employees) के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर सकारात्मक है। यह भी पढ़े-Old Pension Scheme: ‘पुरानी पेंशन योजना के लिए आंदोलन करें’, अन्ना हजारे ने सरकारी कर्मचारियों को दी सलाह

सीएम एकनाथ शिंदे ने शनिवार को आगामी विधान परिषद चुनाव (Maharashtra Legislative Council Polls) के लिए एक प्रचार रैली को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य का शिक्षा विभाग पुरानी पेंशन योजना का अध्ययन कर रहा है।

मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा, "सरकार शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना, गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों (Non-Aided Schools) और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में 25 प्रतिशत आरक्षण के लिए सकारात्मक है। शिक्षा विभाग पुरानी पेंशन योजना का अध्ययन कर रहा है।"

बता दें कि पुरानी पेंशन योजना के तहत सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद एक निर्धारित पेंशन मिलती है। इसके तहत, कर्मचारी को उसके अंतिम वेतन (बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता) की 50 प्रतिशत राशि पेंशन के रूप में मिलती है। जबकि पेंशन राशि भी हर बार महंगाई भत्ता/महंगाई राहत (Dearness Allowance/Dearness Relief) बढ़ने के साथ ही बढ़ जाती है।

हालाँकि, 2004 से प्रभावी हुई राष्ट्रीय पेंशन (National Pension System) प्रणाली यानी एनपीएस (NPS) के तहत सरकारी कर्मचारी की हर सैलरी से कुछ हिस्सा काटा जाता है और रिटायरमेंट के बाद उसके मुताबिक पेंशन दी जाती है। हालांकि एनपीएस मार्केट से जुड़ा होने की वजह से इसमें रिटायरमेंट के बाद पेंशनभोगी को निश्चित राशि नहीं मिलती ही।

इससे पहले, शीतकालीन सत्र के दौरान विधानसभा में बोलते हुए राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने पुरानी पेंशन योजना के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी थी। उन्होंने 21 दिसंबर 2022 को विधानसभा में कहा, महाराष्ट्र में पुरानी पेंशन योजना लागू नहीं होगी। इस योजना को लागू करने से राज्य पर 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि अगर पुरानी पेंशन लागू हुई तो राज्य दिवालिया हो जाएगा। उधर, कर्मचारी संगठनों की दलील है कि महाराष्ट्र में ओपीएस लागू करने में कोई कानूनी बाधा नहीं है।