हालांकि सरकार और प्रशासन की ओर से बार-बार अपील की जा रही है, लेकिन बहुत से किसानों ने अभी तक किसान आईडी के लिए पंजीकरण नहीं करवाया हैं। यही वजह है कि कई जिलों और तालुकों में अभी तक तय लक्ष्य पूरे नहीं हुए हैं। जबकि कृषि विभाग की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि अब से सभी योजनाएं सीधे इस पहचान क्रमांक से जुड़ेंगी। यानी भविष्य में पीएम किसान सन्मान निधि, फसल बीमा, महाडीबीटी पोर्टल पर उपलब्ध सभी योजनाएं, प्राकृतिक आपदा राहत, कृषि कर्ज और अन्य सभी सरकारी सहायता योजनाओं के लाभ सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलेंगे जिनके पास किसान आईडी होगी।