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सीनियर्स ने की जूनियर डॉक्टरों की रैगिंग! महाराष्ट्र के बीजे मेडिकल कॉलेज की घटना, 3 छात्र सस्पेंड

Pune Medical College Ragging Case : पुणे के एक प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थान के संस्थापक के पोते के साथ नामी मेडिकल कॉलेज में कथित तौर पर रैगिंग की गई।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Apr 30, 2025

BJ Medical College Ragging Case : पुणे स्थित सरकारी बीजे मेडिकल कॉलेज (BJ Medical College) में रैगिंग का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कॉलेज प्रशासन (BJMC) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन पोस्टग्रेजुएट (PG) छात्रों को निलंबित कर हॉस्टल से बाहर कर दिया है। यह कार्रवाई एमएस कर रहे जूनियर डॉक्टरों की शिकायत के बाद की गई है। बताया जा रहा है कि एक पीड़ित छात्र पुणे के एक प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थान के संस्थापक का पोता है।

ससून जनरल अस्पताल (Sassoon General Hospital) से एफिलिएटेड (Affiliated) बीजे मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. एकनाथ पवार के अनुसार, ऑर्थोपैडिक विभाग (Orthopaedic Department) के दूसरे वर्ष के तीन पोस्टग्रेजुएट छात्रों के खिलाफ शिकायत दर्ज होने के बाद कॉलेज प्रशासन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है।

कॉलेज के डीन डॉ. एकनाथ पवार ने बुधवार को बताया कि ऑर्थोपेडिक विभाग के दूसरे वर्ष के तीन पीजी छात्रों पर आरोप है कि उन्होंने अपने ही विभाग के प्रथम वर्ष के चार जूनियर छात्रों के साथ मानसिक उत्पीड़न, शारीरिक प्रताड़ना और धमकीभरी भाषा का इस्तेमाल किया।

डॉ. पवार ने बताया, "छात्रों के अभिभावकों ने सबसे पहले मुंबई के मंत्रालय में इस मामले की शिकायत की थी। सोमवार को कॉलेज प्रशासन को यह शिकायत मिली, जिसके बाद एक जांच समिति गठित की गई। जांच के आधार पर तीनों पीजी छात्रों को निलंबित कर हॉस्टल से बाहर कर दिया गया है।" फिलहाल इस मामले की विस्तृत जांच जारी है। 

अस्पताल प्रशासन पर भी आरोप

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले वर्ष में पढ़ने वाले छात्र को उसके विभाग के दो सीनियर्स कभी सिर पर ठंडा पानी तो कभी गर्म पानी डालने के लिए मजबूर करते थे। आरोप है कि पीड़ित छात्र ने पहले यह बात ऑर्थोपेडिक विभाग के प्रमुख को बताई, लेकिन छात्र का आरोप है कि उन्होंने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद यह शिकायत ससून अस्पताल के डीन डॉक्टर एकनाथ पवार को भी की गई थी। लेकिन जब उचित कार्रवाई नहीं की गई तो छात्र के परिजनों ने इस मामले की शिकायत मुंबई में चिकित्सा शिक्षा विभाग के पास दर्ज कराई।