
बंद कमरे में जहरीला धुआं फैलाकर परिवार ने की सामूहिक आत्महत्या, ऑनलाइन मंगवाया था मौत का सामान (Photo: X/Sakal)
Pune Mass Suicide Case: महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ के मोरवाड़ी इलाके में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में मामला सामूहिक आत्महत्या का माना जा रहा है। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें आर्थिक तंगी, कर्ज और नौकरी छूटने का जिक्र किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि परिवार ने घर के अंदर कोयला जलाकर उस पर ‘सोडियम नाइट्रेट’ केमिकल डालकर जहरीला धुआं पैदा किया और इसी के बीच अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
यह दिल दहला देने वाली घटना पिंपरी-चिंचवड़ के मोरवाड़ी इलाके की करिश्मा ग्लोरी सोसायटी में हुई। मृतकों की पहचान विनोद पिल्ले (50), उनकी पत्नी शैलजा पिल्ले (45) और बेटी पूर्णिमा पिल्ले (19) के रूप में हुई है। परिवार मूल रूप से केरल का रहने वाला था और पिछले दो-तीन वर्षों से मोरवाड़ी में किराए के फ्लैट में रह रहा था। पूर्णिमा कंप्यूटर साइंस के दूसरे वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। जबकि विनोद पिल्लई खुद देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईएमए से पढ़ चुके थे।
जानकारी के अनुसार, शैलजा पिल्ले एक स्कूल में कोऑर्डिनेटर के पद पर कार्यरत थीं। शनिवार को वह काम पर नहीं पहुंचीं। जिसके बाद सहकर्मियों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस जब फ्लैट पर पहुंची तो तीनों लोग अचेत अवस्था में मिले। विनोद पिल्ले ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि शैलजा और उनकी बेटी पूर्णिमा को अस्पताल ले जाया गया, जहां रविवार को उपचार के दौरान दोनों की भी मौत हो गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि विनोद पिल्ले ने करीब दो महीने पहले यानी 1 जून को ऑनलाइन 'सोडियम नाइट्रेट' का ऑर्डर दिया था। इसके लिए उन्होंने पहले इंटरनेट पर इस रसायन से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी जुटाई थी। इसके बाद शुक्रवार को घर में कोयला जलाकर उस पर सोडियम नाइट्रेट डालकर जहरीला धुआं तैयार किया गया।
पुलिस को घर से एक सुसाइड नोट मिला है। शुरुआती जांच के अनुसार, उसमें परिवार ने आर्थिक तंगी, कर्ज और नौकरी चले जाने का उल्लेख किया है। नोट में यह भी लिखा गया है कि उनकी मौत के लिए किसी अन्य व्यक्ति को जिम्मेदार न ठहराया जाए।
पुलिस के मुताबिक, विनोद पिल्ले की करीब डेढ़ साल पहले नौकरी चली गई थी। वह एक निजी इंजीनियरिंग कंपनी में काम करते थे। इसके बाद से वह लगातार रोजगार और काम की तलाश कर रहे थे।
पुलिस ने घटनास्थल से मिले सभी साक्ष्य फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। शुरुआती जांच में यह माना जा रहा है कि परिवार लंबे समय से आर्थिक तनाव से गुजर रहा था। हालांकि, मौत के सटीक कारण और परिस्थितियों की पुष्टि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
संत तुकाराम नगर पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस घटना से पहले परिवार की परिस्थितियां क्या थीं और क्या कोई अन्य पहलू भी इससे जुड़ा हुआ है। केरल में रहने वाले उनके परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।
Updated on:
03 Aug 2026 04:36 pm
Published on:
03 Aug 2026 04:36 pm
