
Pune Porsche Crash : महाराष्ट्र के पुणे में हुए पोर्शे कार हादसे में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुणे पुलिस की जांच में अब पता चला है कि शराब के नशे में धुत नाबालिग बेटे को बचाने के लिए उसके ब्लड सैंपल को उसकी मां के खून से बदला गया था। इस मामले में 17 वर्षीय 8 महीने के मुख्य आरोपी की मां को क्राइम ब्रांच ने शनिवार को गिरफ्तार किया। जबकि नाबालिग के पिता और दादा को पिछले महीने ही गिरफ्तार किया गया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाबालिग की मां ने पूछताछ में कबूल कर लिया है कि ससून अस्पताल में उसके खून के नमूने दिए गए थे। ब्लड टेस्ट में नशे की पुष्टि न हो, इसलिए नाबालिग के ब्लड सैंपल को ही बदल दिया गया था।
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि इस अपराध के लिए नाबालिग आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल के साथ मां शिवानी अग्रवाल को भी गिरफ्तार किया गया है। सरकारी ससून अस्पताल में डॉक्टरों की मिलीभगत से नाबालिग के ब्लड सैंपल में हेरफेर का खुलासा होने के बाद शिवानी को गिरफ्तार किया गया।
नाबालिग के माता-पिता को आज (2 जून) दोपहर में अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों को 5 जून तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने अदालत को बताया कि अग्रवाल दंपति ने दुर्घटना से संबंधित सबूतों को नष्ट करने की साजिश रची। वे सरकारी अस्पताल गए और नाबालिग के खून के नमूनों में हेरफेर किया।
बता दें कि पुणे के कल्याणी नगर इलाके में 19 मई की सुबह एक नाबालिग लड़के ने कथित तौर पर बाइक पर जा रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियरो अनीस अहुदिया (24) और अश्विनी कोस्टा (24) को टक्कर मार दी थी जिससे दोनों की मौत हो गई थी। पुलिस ने दावा किया है कि हादसे के समय नामी बिल्डर विशाल अग्रवाल का नाबालिग बेटा नशे की हालत में लक्जरी कार चला रहा था।
पुलिस ने इस हादसे के लिए तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं और 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें अग्रवाल परिवार के चार सदस्य शामिल हैं। नाबालिग आरोपी को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने 5 जून तक सुधार गृह भेजा है।
Updated on:
02 Jun 2024 05:09 pm
Published on:
02 Jun 2024 05:07 pm
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