
राहुल गांधी की अयोग्यता पर महाराष्ट्र के विपक्षी नेताओं ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
Maharashtra Leaders Reaction on Rahul Gandhi Disqualification: कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराए जाने के बाद महाराष्ट्र का सियासी पारा चढ़ गया है। एक तरफ सूबे की विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाडी (MVA) के तमाम नेता इसके लिए बीजेपी व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोस रहे है, तो वहीँ दूसरी तरफ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री व शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे खुद पीएम मोदी के बचाव में उतर आये है और विरोधियों पर पलटवार कर रहे है।
केरल की वायनाड संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले राहुल गांधी को अयोग्य ठहराये जाने का मुद्दा आज एमवीए नेताओं ने महाराष्ट्र विधानसभा में उठाया। विधानसभा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने कहा, ‘‘हम लोकसभा के सदस्य के रूप में राहुल गांधी को अयोग्य ठहराने के फैसले की निंदा करते हैं। हमने विरोध में सदन से बहिर्गमन करने का फैसला किया है।’’ इसके बाद राकांपा और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधायकों सहित विपक्षी सदस्यों ने विधान भवन की सीढ़ियों पर विरोध प्रदर्शन किया। यह भी पढ़े-Maharashtra: ‘राज ठाकरे अगर भावी मुख्यमंत्री तो मैं प्रधानमंत्री...’, रांकपा नेता जितेंद्र आव्हाड ने कसा तंज
CM शिंदे ने किया पलटवार
इस बीच, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे बोलने के लिए अपनी सीट से उठे तो कांग्रेस नेताओं ने हंगामा किया। जिस वजह से मुख्यमंत्री विरोधियों से खासे नाराज नजर आए। उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री की मां के अंतिम संस्कार के बाद जब वह काम पर लौटे तो आपने उन्हें चोर कहा था। जिनके रगों में देश भक्ति और राष्ट्रभक्ति है, उनका आप अपमान करते हो, नाना (पटोले) यह कतई नहीं चलेगा।‘
बाद में मीडिया से बात करते हुए महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा, "राहुल गांधी को अयोग्य घोषित करने के तरीके की हम निंदा करते हैं... सूरत कोर्ट के फैसले के आधार पर मोदी सरकार के दबाव में लोकसभा ने उन्हें अयोग्य घोषित किया... अगर किसी को 'चोर' कहने पर कार्रवाई की जाती है, हम उन्हें ‘डाकू’ कहेंगे।“
उद्धव ठाकरे ने कहा ‘लोकतंत्र की हत्या’
वहीँ, राहुल गांधी पर कार्रवाई के बाद उद्धव ठाकरे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चोर को चोर कहना हमारे देश में अपराध हो गया है। चोर-लुटेरे अभी आजाद हैं और राहुल गांधी को सजा दी गई। यह लोकतंत्र की सीधी हत्या है। यह तानाशाही के अंत की शुरुआत है। सभी सरकारी तंत्र दबाव में हैं। अब इस लड़ाई को दिशा देनी होगी।
अजित पवार ने की कड़ी निंदा
एनसीपी नेता अजित पवार ने भी इसका विरोध किया और कहा कि लोकसभा में यह दूसरी घटना है। उन्होंने कहा, “एनसीपी नेता मोहम्मद फैसल की उम्मीदवारी भी इसी तरह रद्द कर दी गई थी। आज ऐसा ही फैसला राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी के बारे में दिया गया। वास्तविक मतभेद, वैचारिक रुख अलग हो सकता है लेकिन देश को आजादी मिलने के बाद से किसी का सांसद पद छीना जाना मुझे याद नहीं है। अजित पवार ने कहा कि यह संविधान और लोकतंत्र के अनुकूल नहीं है. सभी को अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार होना चाहिए। यह संविधान द्वारा दिया गया है। लोकसभा का आज का फैसला लोकतंत्र को झटका देने वाला है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।”
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
सूरत की अदालत के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एचएच वर्मा ने गुरुवार को राहुल गांधी को 2019 के मानहानि मामले में दोषी ठहराया और दो साल की जेल की सजा सुनाई। राहुल गांधी ने यह टिप्पणी 2019 के लोकसभा चुनाव दौरान कर्नाटक के कोलार (Kolar) में एक रैली के दौरान की थी। गांधी ने हिंदी में कहा था, 'सभी चोरों के नाम में मोदी क्यों होता है, चाहे वह नीरव मोदी हो, ललित मोदी या नरेंद्र मोदी।'
हालांकि, अदालत ने राहुल गांधी को जमानत भी दे दी तथा उनकी सजा के अमल पर 30 दिनों तक के लिए रोक लगा दी, ताकि कांग्रेस नेता फैसले को चुनौती दे सकें। लेकिन मानहानि के मामले में सजा सुनाये जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को वायनाड संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराया गया। लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि उनकी अयोग्यता संबंधी आदेश 23 मार्च से प्रभावी होगा।
Published on:
24 Mar 2023 05:34 pm
बड़ी खबरें
View Allमुंबई
महाराष्ट्र न्यूज़
ट्रेंडिंग
