
Nitesh Rane Hits Back at Uddhav Thackeray : राम मंदिर दान विवाद पर उद्धव और नितेश राणे के बीच आरोप-प्रत्यारोप (फोटो सोर्स : PTI_News)
Uddhav Thackeray Ram Raksha Andolan: महाराष्ट्र की सियासत में राम मंदिर के नाम पर एक बार फिर बयानों के तीखे तीर चलने शुरू हो गए हैं। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा राम मंदिर चंदे में कथित घोटाले को लेकर राज्यव्यापी राम रक्षा आंदोलन की घोषणा क्या हुई, सत्तापक्ष ने उन्हें आड़े हाथों ले लिया। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा के मुखर नेता नितेश राणे ने उद्धव ठाकरे पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। राणे ने ठाकरे की तुलना सीधे 'पाकिस्तानी एजेंट' से कर दी है और उनके इस आंदोलन की नीयत पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
इससे पहले शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में 5 जुलाई से ‘राम रक्षा’ आंदोलन शुरू करने की घोषणा की और लोगों से राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के मामले में भाजपा को जवाबदेह ठहराने के लिए इस आंदोलन से जुड़ने का आह्वान किया।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रसिद्ध बयान को याद करते हुए उन्होंने भाजपा को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा, "जैसे कभी अटल बिहारी वाजपेयी जी ने कहा था कि 'अब हिंदू मार नहीं खाएगा', वैसे ही आज मैं कह रहा हूं 'मंदिर लुटेरों को अब हिंदू माफ नहीं करेगा।' जो लोग राम मंदिर को लूट रहे हैं, देश का हिंदू उन्हें उनकी सही जगह दिखाकर रहेगा।"
ठाकरे ने कहा कि रविवार को लोग मध्य मुंबई के दादर स्थित हनुमान मंदिर में एकत्र होंगे, जहां ‘हनुमान स्तोत्र’ और ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ करेंगे। इसके जरिये अयोध्या के राम मंदिर में हुई कथित 'चोरी’ की जिम्मेदारी लेने के लिए भाजपा पर दबाव बनाया जाएगा।
उद्धव ठाकरे ने साफ कहा कर दिया कि यह आंदोलन सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा। दादर से शुरुआत होने के बाद इसे पूरे महाराष्ट्र के जिलों, शहरों और ग्रामीण इलाकों तक ले जाया जाएगा। राज्य के हर कोने में जहां भी राम मंदिर या हनुमान मंदिर हैं, वहां रामभक्त इकट्ठा होकर इस लूट का विरोध करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही आषाढ़ी एकादशी की 'वारी' (पंढरपुर यात्रा) शुरू हो रही है, और जिन भी वारकरियों के मन में इस लूट को लेकर गुस्सा है, वे सब मिलकर बीजेपी को इस पाप की जवाबदेही स्वीकार करने पर मजबूर कर देंगे।
उन्होंने कहा, "आज भले ही भाजपा सत्ता में है, लेकिन जिस आंदोलन की बदौलत वह यहां तक पहुंची है, उसमें देश के आम हिंदुओं का खून-पसीना शामिल था। कारसेवकों पर हुए अत्याचार, गोधरा कांड, अहमदाबाद के दंगे और मुंबई में जो कुछ भी हुआ, उसमें हिंदुओं ने बहुत कुछ सहा है। 'राम रक्षा' आंदोलन किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं का आंदोलन है।
Updated on:
03 Jul 2026 03:49 pm
Published on:
03 Jul 2026 03:03 pm
