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चेंबूर में गाजे-बाजे के साथ निकली रथयात्रा

शोभायात्रा में निकली झांकियों ने अभिभूत किया

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शोभायात्रा में निकली झांकियों ने अभिभूत किया

शोभायात्रा में निकली झांकियों ने अभिभूत किया

मुंबई. श्री भगवान महावीर जयंती उत्सव समिति चेंबूर की ओर से महावीर जयंती पर बाजे-गाजे के साथ रथयात्रा निकाली, यह यात्रा 3 किलोमीटर तक विविध जैन मंदिरों से गुजरकर सुभाष नगर अपेक्श स्कूल पहुंची, जहां इस यात्रा में बड़ी तादाद मेें जैन समाज के लोग
शामिल हुए।
पारम्परिक वेशभूषा में रथ यात्रा को शोभायमान बनाया गया था, पिछले 55 साल से लगातार इस तरह के आयोजन किये जा रहे हैं। समिति के सलाहकार राजकुमार शहा ने बताया कि महावीर जयंती जैन समुदाय का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। महावीर स्वामी जैन धर्म के 24 वें तीर्थकर थे। महावीर का बचपन का नाम 'वर्धमान' था। उन्होंने कहा था मनुष्य के दुखी होने की वजह खुद की गलतियां ही हैं जो मनुष्य अपनी गलतियों पर काबू पा सकता है वही मनुष्य सच्चे सुख की प्राप्ति भी कर सकता है। इस अवसर पर किशोर सदलगे, भरत पाटील, संतोश शहा, सुनील दोशी, दिलीप शहा, श्रेणिक शहा, कुशल जैन सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

शोभायात्रा में निकली झांकियों ने अभिभूत किया
पालघर. भगवान महावीर स्वामी की जयंती पर समस्त जैन संधों के तत्वावधान में शोभायात्रा निकाली गई। इसमें जैन समाज के पुरुष, महिलाएं और बच्चें शामिल हुए। इस दौरान भगवान महावीर स्वामी के जीवन से जुड़ी अनेक प्रकार की झांकिया निकाली गई। समस्त जैन समाज ने भगवान महावीर स्वामी मंदिर से पूजा-अर्चना कर गाजेबाजे के साथ निकली शोभायात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए और पुन: शोभायात्रा मंदिर प्रांगण में पहुंची। इस बीच कई स्थानों पर सामाजिक और व्यापारिक संगठनों से जुड़े लोगों ने शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा किया।