
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नागपुर का दौरा किया. प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार पीएम मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय पहुंचे और संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की। इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। इस बीच, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता संजय राउत ने इस पर बड़ा दावा किया है। राज्यसभा सांसद राउत ने कहा कि नरेंद्र मोदी अब अपने राजनीतिक सफर के आखिरी दौर में हैं और आरएसएस उनके उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा कर रहा है।
सोमवार को मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान संजय राउत ने कहा कि पीएम मोदी सितंबर में 75 साल के हो जाएंगे। उन्होंने खुद यह सिद्धांत बनाया था कि जो नेता 75 साल की उम्र पूरी कर लेगा, उसे सत्ता में नहीं रहना चाहिए। इसी को लेकर वह नागपुर में संघ मुख्यालय गए थे और मोहन भागवत से मुलाकात की। राउत ने दावा किया कि पीएम मोदी संघ मुख्यालय में मोहन भागवत से मिलने इसलिए गए थे, क्योंकि उन्हें अपने रिटायरमेंट का आवेदन सौंपना था।
संजय राउत ने यह भी दावा किया कि अब आरएसएस भारतीय राजनीति में बड़ा बदलाव चाहता है। मोहन भागवत और पूरा संघ परिवार यह मानता है कि देश में नेतृत्व परिवर्तन की जरूरत है। मोदी का दौर अब समाप्त हो रहा है और संघ बीजेपी का नया नेतृत्व तय करने की प्रक्रिया में है। इसलिए पीएम मोदी को चर्चा के लिए संघ ने बुलाया था।
उद्धव गुट के कद्दावर नेता ने आगे कहा, आरएसएस का इरादा स्पष्ट है कि मोदी का विकल्प तय करना और पार्टी के नए अध्यक्ष के रूप में संघ की पसंद की किसी शख्सियत को बैठाना। इसी सिलसिले में मोदी नागपुर गए थे। मोदी की संघ के साथ बंद कमरे में बैठक हुई। मोदी जी जा रहे हैं।
संजय राउत ने यह भी संकेत दिए कि मोदी के उत्तराधिकारी के रूप में महाराष्ट्र का कोई नेता सामने आ सकता है। उन्होंने कहा कि संघ के भीतर इस मुद्दे पर गुप्त चर्चाएं हो रही हैं, जो बाहर नहीं आतीं, लेकिन कुछ संकेत जरूर दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा, "संघ मोदी का उत्तराधिकारी तय करेगा और संभवतः वह महाराष्ट्र से होगा।"
Updated on:
31 Mar 2025 09:44 pm
Published on:
31 Mar 2025 06:52 pm
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