
उद्धव गुट ने नए चुनाव चिन्ह और नाम के साथ पोस्टर जारी किया
केंद्रीय चुनाव आयोग ने मुंबई की अंधेरी पूर्व विधानसभा सीट उपचुनाव को लेकर शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे गुट को नया नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित किया है। हालांकि उद्धव गुट को मिले चुनाव चिन्ह ‘मशाल’ पर जॉर्ज फर्नांडिस की समता पार्टी (Samata Party) ने सवाल खड़े किये और इसकी शिकायत भी की। साथ ही समता पार्टी ने चुनाव आयोग के ‘मशाल’ चिन्ह देने के फैसले को रद्द करवाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था। लेकिन अब समता पार्टी को झटका लगा है।
मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली हाईकोर्ट ने समता पार्टी द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया है। यानी अब आगामी अंधेरी पूर्व उपचुनाव में उद्धव ठाकरे की पार्टी (शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे) का चुनाव चिन्ह निर्वाचन आयोग द्वारा आवंटित की गई जलती मशाल ही रहेगी। यह भी पढ़े-Maharashtra: उद्धव ठाकरे की संपत्ति की जांच करें ईडी और सीबीआई, बॉम्बे हाईकोर्ट में PIL दाखिल, आज होगा फैसला
समता पार्टी की याचिका पर सुनवाई करते जस्टिस संजीव नरूला (Sanjeev Narula) ने देखा कि समता पार्टी ‘मशाल’ चिन्ह पर अपने किसी भी अधिकार साबित करने में विफल रही है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि 2004 में समता पार्टी की मान्यता समाप्त कर दी गई थी। समता पार्टी की स्थापना 1994 में जॉर्ज फर्नांडीस (George Fernandes) और नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने की थी।
गौरतलब है कि केंद्रीय चुनाव आयोग ने 3 नवंबर को अंधेरी उपचुनाव को देखते हुए शिवसेना के दोनों गुटों (उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे) को नया नाम और निशान आवंटित किया। उद्धव ठाकरे गुट को शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे और मशाल निशान मिला, वहीं एकनाथ शिंदे गुट को बालासाहेबांची शिवसेना और ढाल-तलवार निशान आवंटित किया गया। चुनाव आयोग के इस निर्णय के बाद ‘मशाल’ चुनाव चिन्ह पर समता पार्टी ने अपना दावा ठोका था। और सवाल उठाया कि जब उनकी पार्टी का ‘मशाल’ पहले से ही चुनाव चिन्ह है तो इसे उद्धव ठाकरे गुट को कैसे दिया जा सकता है। इससे एक नया विवाद पैदा हो गया था।
Published on:
19 Oct 2022 02:02 pm
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