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Lok Sabha Elections 2024: नहीं सुलझ पा रहा सांगली सीट का विवाद, कांग्रेस और उद्धव गुट के लिए बना सिरदर्द

Sangli Lok Sabha Elections 2024: उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना किसी भी हाल में सांगली सीट छोड़ने को तैयार नहीं हैं।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Apr 11, 2024

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महाराष्ट्र में महाविकास आघाडी (एमवीए) गठबंधन में सांगली निर्वाचन क्षेत्र को लेकर घमासान जारी है। कांग्रेस ने सांगली सीट पर अपना दावा छोड़ दिया, जिसके बाद यहां से शिवसेना (यूबीटी) के चुनाव लड़ने का रास्ता साफ हो गया। लेकिन यह बात सांगली के कांग्रेस नेताओं को रास नहीं आ रही है।

सांगली जिले से कांग्रेस विधायक विश्वजीत कदम ने सांगली लोकसभा सीट उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) को देने के फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है। उन्होंने इस निर्वाचन क्षेत्र को कांग्रेस का गढ़ बताया। हालांकि उद्धव की शिवसेना सांगली सीट छोड़ने को तैयार नहीं हैं। यहां उद्धव गुट के उम्मीदवार चंद्रहार पाटिल चुनाव प्रचार में डटे हुए है। यह भी पढ़े-उद्धव ठाकरे और शरद पवार को मनाने में अपने रूठे! महाराष्ट्र कांग्रेस के सामने खड़ी हुई नई मुसीबत

कांग्रेस नेता विश्वजीत कदम की मांग पर शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने प्रतिक्रिया दी है। राउत ने मुंबई में मीडिया से बात करते हुए कहा, सांगली में जातिवादी ताकतें बढ़ रही हैं. इसलिए वहां ठाकरे गुट का उम्मीदवार जरूरी है।

राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा, “हम विश्वजीत कदम और विशाल पाटिल की भावनाओं को समझ सकते हैं। वह पुराने कांग्रेस कार्यकर्ता हैं। हालाँकि, कुछ वर्षों से सांगली में सांप्रदायिक ताकतें बढ़ने लगी हैं। विधानसभा चुनाव में मिरज से संघ का नेता चुना जाता है और दंगे कराये जाते हैं। यह बात विश्वजीत कदम और विशाल पाटिल को पता है। सांगली से पिछले 10 साल से बीजेपी के सांसद चुने जा रहे हैं। उनका सामना करने के लिए उद्धव ठाकरे गुट के उम्मीदवार को चुनना जरूरी है।“

उन्होंने कहा, “कांग्रेस कार्यकर्ता पिछले कई वर्षों से सांगली में काम कर रहे हैं। हम उनका सम्मान करते हैं। लेकिन आज स्थिति अलग है। आज अगर सांप्रदायिक ताकतों को बराबर करना है तो वहां शिवसेना की जरूरत है। इसलिए चंद्रहार पाटिल को हमने उम्मीदवार बनाया है। एनसीपी शरद पवार गुट और कांग्रेस पार्टी ने भी हमारे उम्मीदवार का समर्थन किया है।''

बुधवार को सांगली में पत्रकारों से बात करते हुए विश्वजीत कदम ने कहा कि सांगली आजादी के बाद से ही कांग्रेस का गढ़ रहा है। सांगली जिले की पलुस-काडेगांव विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले कदम ने कहा, ‘‘हमने ईमानदारी से कांग्रेस के राज्य और केंद्रीय नेतृत्व को यह सुनिश्चित करने के लिए मनाने की कोशिश की कि सांगली सीट पार्टी के पास रहे।”

मालूम हो कि सांगली संसदीय क्षेत्र 1962 और 2014 के बीच कांग्रेस का गढ़ था, लेकिन एनसीपी से बीजेपी में शामिल हुए संजयकाका पाटिल ने 2014 में इस पर जीत हासिल की। पाटिल ने 2019 में भी अपनी जीत बरकरार रखी।

इस बार एमवीए गठबंधन से चंद्रहार पाटिल बीजेपी प्रत्याशी संजयकाका पाटिल का मुकाबला करेंगे। महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीट के लिए पांच चरणों में 19 अप्रैल से 20 मई के बीच चुनाव होंगे। जबकि सांगली में 7 मई को मतदान होगा। सभी सीटों के लिए चार जून को वोटों की गिनती होगी।

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