
Graduation के लिए Mumbai University ने शुरू किए सेल्फ फाइनेंस कोर्सेज
मुंबई. ग्रेजुएशन में प्रवेश लेने वाली छात्रों का पारंपरिक सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रम के प्रति बढ़ते रुझान को देखते हुए मुंबई यूनिवर्सिटी ने पारंपरिक व सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रम के समान ही विधि अभ्यासक्रम शुरू किया है। उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग ने सेल्फ फाइनेंस में 66, पारंपरिक 46 और विधि के 20 शाखाओं को मंजूरी दी है। सेल्फ फाइनेंस में बीकॉम-अकाउंट और फाइनेंस के 28, बीएमएस के 18 और बीएससी-हॉस्पिटैलिटी स्टडीज के लिए 10 और नई ब्रांच शुरू हो गए हैं। सेल्फ फाइनेंस के साथ 20 वाणिज्य, आट्र्स के 14 और विधि की तीन शाखाएं शुरू की गई जो पांच साल की हैं। यूनिवर्सिटी के इन नए शाखाओं के शुरू होने से छात्रों के लिए पहले से अधिक अवसर मिलेंगे।
बड़ी संख्या में सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रम
पिछले पांच वर्षों में छात्रों का रुझान सेल्फ फाइनेंस और विधि अभ्यासक्रम जैसे पारंपरिक पाठ्यक्रमों के प्रति बढ़ा है। इसे लेकर विभिन्न संस्थानों ने कला, वाणिज्य और विधि के साथ सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रम शुरू करने के बारे में मुंबई यूनिवर्सिटी को प्रस्ताव भेजा था। यूनिवर्सिटी ने उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग को यह प्रस्ताव भेजा। यूनिवर्सिटी के इन प्रस्तावों को उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग ने गैर-आधिकारिक आधार पर अनुमोदित किया है। इसलिए इस वर्ष बड़ी संख्या में सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। इसलिए छात्रों के लिए अभ्यासक्रम में अधिक स्थान उपलब्ध होगा।
विभिन पाठ्यक्रमों की शुरुआत
मुंबई यूनिवर्सिटी की ओर से शुरू किए गए सेल्फ फाइनेंस बीकॉम अकाउंट और फाइनेंस अभ्यासक्रम के सर्वाधिक 28 शाखाएं शुरू की गई हैं। इसके अलावा बीएमएस की 18, बीएससी हॉस्पिटैलिटी स्टडीज और बीएमएम की 10 डिवीजनों की शुरुआत हुई है। वहीं बीकॉम में सबसे अधिक 22, बीए 14 और बीएससी की 10 शाखाएं शुरू होंगी। विधि के तीन वर्षीय पाठ्यक्रम की 14 शाखाएं और पांच वर्षीय पाठ्यक्रम की 6 शाखाएं शुरू की जाएंगी।
काउंसिल ऑफ इंडिया से अनुमति अनिवार्य
उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग ने मुंबई यूनिवर्सिटी को नए पाठ्यक्रमों को सशर्त मंजूरी दे दी है। इसलिए, संबंधित कॉलेजों या संस्थानों के लिए निश्चित समय अवधि के भीतर शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होगा। इसी तरह, तकनीकी और तकनीकी शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगर ये शर्तें पूरी नहीं होती हैं तो इन पाठ्यक्रमों की स्वीकृति रद्द कर दी जाएगी। वहीं संस्थाओं को विधि पाठ्यक्रम के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया से अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया गया है।
Published on:
27 Jun 2019 12:48 pm
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