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नए नाम और ‘तुतारी’ निशान के साथ नई शुरुआत करेगा शरद पवार गुट, रायगढ़ में बड़ा कार्यक्रम

Sharad Pawar NCP Symbol: शरद पवार ने अपनी पार्टी को फिर से खड़ा करने का संकल्प लिया है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Feb 23, 2024

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शरद पवार की NCP को मिला 'तुतारी' चिह्न

चुनाव आयोग ने शरद पवार गुट को ‘तुतारी’ सिंबल दिया है। चुनाव आयोग द्वारा अजित पवार गुट को एनसीपी नाम और पार्टी का चुनाव चिह्न ‘घड़ी’ देने के बाद शरद पवार गुट ने नए पहचान के साथ नई शुरुआत करने की योजना बनाई है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के संस्थापक शरद पवार पहले ही कह चुके है कि वह नए सिरे से पार्टी खड़ी करेंगे। 83 वर्षीय पवार ने हाल ही में कहा था कि देश ने कभी ऐसी स्थिति नहीं देखी कि जिसने पार्टी बनाई, उसे ही पार्टी से निकाल दिया गया हो, लेकिन एनसीपी के साथ ऐसा हुआ। शरद पवार ने अपनी पार्टी के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया है। यह भी पढ़े-‘सिर्फ 20 मिनट के लिए आते हैं राज्यसभा...’, शरद पवार ने PM मोदी पर कसा तंज

जानकारी के मुताबिक, सीनियर पवार के खेमे ने चुनाव आयोग को तीन सिंबल का प्रस्ताव भेजा था। उनमें बरगद का पेड़, कपबशी (Teacup) और सीटी शामिल थी। लेकिन चुनाव आयोग ने शरद पवार गुट को चुनाव चिन्ह के तौर पर गुरुवार को ‘तुतारी’ दे दिया. मराठी में तुरहा बजाने वाले शख्स को तुतारी कहा जाता है।

एनसीपी-शरदचंद्र पवार यानी शरद पवार गुट 'तुतारी' चुनाव चिह्न मिलने के बाद शनिवार को रायगढ़ में भव्य लॉन्चिंग समारोह करेगी। इस कार्यक्रम के जरिए लोकसभा चुनाव का बिगुल फूंका जाएगा। इसके लिए जोरशोर से तैयारी चल रही है।

खबर है कि पार्टी अध्यक्ष शरद पवार समेत सभी वरिष्ठ नेता शनिवार को रायगढ़ में मौजूद रहेंगे। शरद पवार खुद पार्टी का नया चुनाव चिन्ह और नाम मिलने के बाद लोकसभा चुनाव का बिगुल फूंकेंगे।

पिछले हफ्ते वरिष्ठ नेता शरद पवार ने कहा था कि सिंबल खोने को लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। मैं अब तक 14 चुनाव लड़ चुका हूं। उनमें से पांच 'बैलों की जोड़ी', 'गाय और बछड़ा', एक 'चरखा', 'हाथ' और अंत में, 'घड़ी' के चिन्ह पर थे। चुनाव चिन्ह छीनने का मतलब यह नहीं कि संगठन खत्म हो गया।

पवार ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि नए सिरे से शुरुआत करने पर भी ज्यादा दिक्कतें होंगी। हम एक नई उम्मीद के साथ पूरे महाराष्ट्र में घूमेंगे और लोगों से मिलेंगे, उन्हें मनाएंगे, नए चिन्ह के साथ ज्यादा दिक्कतें नहीं होंगी। चुनाव में राज्य की जनता खुद सही निर्णय लेगी।''

मालूम हो कि केंद्रीय चुनाव आयोग ने अजित पवार को असली एनसीपी का दर्जा दिया और उन्हें एनसीपी का नाम और 'घड़ी' चिन्ह दिया था। इसके बाद महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर ने भी अजित गुट को असली एनसीपी पार्टी माना। हालांकि इसके खिलाफ शरद पवार गुट ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अब जब तक सुप्रीम कोर्ट इस पर अगला निर्देश नहीं देता तब शरद पवार गुट को नए नाम और सिंबल के साथ ही अगला चुनाव लड़ना होगा।