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शरद पवार के इस्तीफे से बीच मंझधार में फंसी उद्धव सेना? जानें आगे क्या है विकल्प

Sharad Pawar Resigns: महाराष्ट्र में 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद शिवसेना ने बीजेपी का दामन छोड़ा था। जिसके बाद कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना का गठबंधन अस्तित्व में आया।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

May 03, 2023

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महाविकास अघाडी टूटने से बची! शरद पवार फिर बने संकटमोचक

Sharad Pawar Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते लिए बीजेपी विरोधी सभी पार्टियों ने खास रणनीति के तहत एकता बढ़ानी शुरू कर दी थी। लेकिन इस पहल को बड़ा झटका तब लगा जब मंगलवार को अचानक बेहद अनुभवी नेता शरद पवार ने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने का ऐलान कर दिया। हालांकि पवार का यह फैसला न सिर्फ एनसीपी के बड़े नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं तक बल्कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के लिए भी धक्का देने वाला था।

शरद पवार को शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के तीन दलों वाले महाविकास अघाडी (एमवीए) गठबंधन का सूत्रधार माना जाता है। 2019 के विधानसभा परिणाम के बाद महाराष्ट्र की सियासत में मची उथल-पुथल और अजित पवार के बगावत के बाद एमवीए का गठन हुआ था। यह भी पढ़े-महाविकास आघाडी में मतभेद! नाना पटोले बोले- नहीं बनी बात तो, हमारा भी प्लान तैयार

दरअसल महाराष्ट्र में 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद शिवसेना ने बीजेपी का दामन छोड़ा था। जिसके बाद कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना का गठबंधन अस्तित्व में आया। तब से ही शरद पवार पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का मार्गदर्शन कर रहे है। कई बार खुद सलाह लेने के लिए ठाकरे पवार से मिलने उनके आवास पर गए।

एमवीए का क्या होगा?

1960 में राजनीतिक यात्रा शुरू करने वाले शरद पवार को राजनीति के जगत में 'चाणक्य' और 'भीष्म पितामह' जैसी कई उपाधियां मिली हैं। महाराष्ट्र की सियासत के साथ-साथ उनकी राष्ट्रीय राजनीति में भी मजबूत पकड़ है। इसलिए माना जा रहा है कि शरद पवार के एनसीपी चीफ के पद से हटने से एमवीए का वह हुकुम का इक्का चला गया, जो हर बाजी को काटने की क्षमता रखता है। एमवीए के ‘संकटमोचक’ पवार के जाने से उद्धव गुट-एनसीपी और कांग्रेस के बीच बंधी डोर भी ढीली पड़ सकती है, क्योकि यह सब जानते है कि तीनों दल कई मुद्दों पर अलग-अलग राय रखते है और उनके बीच आपसी मतभेद है।

क्या विपक्षी गठबंधन एमवीए में फूट पड़ जाएगी? यदि एमवीए बिखर जाती है तो उद्धव ठाकरे खेमे का क्या होगा? हाल ही में शरद पवार, अजित पवार की टिप्पणियों पर कांग्रेस नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। फिर वरिष्ठ नेता पवार ने एमवीए के भविष्य को लेकर एक बड़ा दावा किया। शरद पवार ने कहा था कि महाविकास अघाडी अभी है लेकिन कल रहेगी या नहीं इसका पता अभी नहीं है। उनके इस बयान से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई थी। पवार के बयान से गठबंधन के टूटने की भी चर्चा शुरू हो गई थी। लेकिन बाद में खुद शरद पवार ने सफाई देते हुए कहा की उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया।


क्या करेगी उद्धव सेना?

एमवीए गठबंधन के सहारे महाराष्ट्र में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत कर रहे उद्धव ठाकरे को अभी भी शरद पवार के ‘पॉवर’ की बहुत जरूरत है। खासकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना में बगावत होने के बाद, जब पार्टी के अधिकांश विधायक-सांसद उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर चले गए है।

तो क्या अब उद्धव ठाकरे को अपनी पार्टी शिवसेना (UBT) का अस्तित्व बचाने के लिए बीजेपी के साथ जाना होगा या फिर बगावत का बिगुल फूंकने वाले शिंदे गुट से मजबूरन हाथ मिलाना पड़ेगा? यह तो आने वाले समय में ही पता चलेगा। फ़िलहाल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले साफ़ कह रहे है कि जो एमवीए में रहेगा वह उनके साथ काम करेंगे और पवार के इस्तीफे से एमवीए को फर्क नहीं पड़ेगा।

सत्तारूढ़ बीजेपी के साथ तालमेल बिठाने की खबरों के बीच दिए एक इंटरव्यू में अजित पवार ने कहा था कि वह "100 प्रतिशत महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनना पसंद करेंगे।" साथ ही छोटे पवार ने कहा था कि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का इंतजार किये बिना अब भी एनसीपी सीएम पद के लिए दावा पेश कर सकती हैं। तब उनके एमवीए से अलग होकर बीजेपी के साथ जाने की खूब अफवाह उड़ी थी।


उद्धव गुट ‘वेट एंड वॉच’ मोड में

उद्धव ठाकरे के करीबी सहयोगी संजय राउत ने कहा, “हमारी भूमिका वेट एंड वॉच की है। पवार साहब का इस्तीफा देश की राजनीति में एक बड़ी घटना है, यह धक्का है लेकिन यह उनकी पार्टी का एक अंदरूनी मामला है। शरद पवार के बारे में जब इस प्रकार का कोई निर्णय आता है तो जरूर महाराष्ट्र और देश की राजनीति में खलबली मच जाती है।“

राज्यसभा सांसद राउत ने कहा, ”शरद पवार का इस्तीफा देश की राजनीति के लिए बड़ा झटका है। लेकिन अगर उन्होंने ऐसा फैसला लिया तो निश्चित रूप से महाराष्ट्र और देश में तहलका मच जाएगी. फिर हम तय करेंगे कि आगे क्या करना है। पूरे घटनाक्रम पर हमारी नजर है।“ यह भी पढ़े-‘अगर NCP तोड़ने की कोशिश की तो...’, शरद पवार ने दी चेतावनी, भतीजे अजित को ललकारा?