
शिरडी साईं बाबा मंदिर में फूल-प्रसाद बैन पर बवाल
Shirdi Sai Baba Mandir Protest Update: प्रसिद्ध साईं मंदिर शिरडी में फूल-प्रसाद ले जाने पर लगाये गए प्रतिबंध से तनाव बढ़ गया है. इस प्रतिबंध को हटाने की मांग को लेकर दुकानदार आक्रामक हो गए हैं। इसी क्रम में शिरडी के ग्रामीणों के साथ विक्रेताओं ने साई बाबा मंदिर (Sai Mandir Shirdi) में माला और फूल ले जाने की जबरन कोशिश की। इस दौरान संस्थान के सुरक्षा गार्डों और प्रदर्शनकारियों के बीच हाथापाई हो गई।
कोविड-19 के शुरुआत के समय से ही शिरडी के साईं मंदिर में माला, फूल और प्रसाद ले जाने पर रोक है। लेकिन अब सामाजिक कार्यकर्ता संजय काले ने इस फैसले का विरोध करते हुए मंदिर प्रशासन के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया है। आज सुबह उन्होंने दुकानदारों व अन्य के साथ साईं बाबा मंदिर में माला और फूल लेकर प्रवेश करने की कोशिश की। इस दौरान संस्थान के सुरक्षा गार्डों और प्रदर्शनकारियों के बीच हाथापाई हो गई। यह भी पढ़े-Beed News: पानी लाने गया इकलौता बेटा कुएं में गिरा, बचाने के लिए दौड़ा पिता, दोनों की डूबकर मौत
मंदिर प्रशासन ने नहीं बदला फैसला
साईं बाबा मंदिर प्रशासन ने काले से कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए आंदोलन न करने का अनुरोध किया। श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट (Shri Saibaba Sansthan Trust) द्वारा इस प्रतिबंध से मंदिर के आसपास फूल और प्रसाद बेचने वाले विक्रेताओं को भारी नुकसान हो रहा है. साथ ही साईं भक्तों ने भी इस निर्णय पर नाराजगी व्यक्त की है।
कुछ दिन पूर्व सामाजिक कार्यकर्ता संजय काले ने कोपरगांव से शिरडी की पैदल यात्रा कर साईं मंदिर में माला, फूल और प्रसाद ले जाने की अनुमति देने की मांग की थी। उन्होंने शुक्रवार को भी साईं मंदिर में माला, फूल और प्रसाद लेकर जाने की अनुमति मांगी थी।
प्रतिबंध के फैसले पर उठे सवाल
हालांकि साईंबाबा संस्थान ने संजय काले को कानून और व्यवस्था के आधार पर किसी भी तरह से आंदोलन नहीं करने के लिए एक पत्र दिया था. जबकि काले ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले में आंदोलन पर दृढ़ है। संजय काले ने एक पत्र में पूछा है कि जब सुप्रीम कोर्ट ने बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (साईंबाबा) को कोई वित्तीय और नीतिगत निर्णय लेने से रोक दिया है तो यह बैन कैसे लागू किया गया है।
प्रतिबंध से किसानों को बड़ा नुकसान
बता दें कि कोरोना वायरस की दस्तक के बाद से साईं मंदिर में माला, फूल और प्रसाद पर लगी रोक आज तक नहीं हटी है। इससे दुकानदारों के साथ ही किसानों का भी नुकसान हो रहा है। खेतों में फूल सड़ने लगे हैं और इलाके के किसानों के सिर पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिरडी क्षेत्र में लगभग 500 किसान फूलों की खेती करते हैं। शिरडी में रोजाना लाखों रुपये का फूलो का कारोबार है। यहां करीब 300 फूल विक्रेता हैं और 2 हजार से ज्यादा लोग इस व्यवसाय पर निर्भर हैं।
Published on:
26 Aug 2022 03:54 pm
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