
देवेंद्र फडणवीस, अजित पवार और एकनाथ शिंदे। (फोटो- ANI)
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की करारी हार के बाद पार्टी के नेताओं द्वारा इस्तीफा देने का सिलसिला जारी है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे को झटका देते हुए पार्टी के दो नेता उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में शामिल हो गए। संजय व संजना घाडी, पूर्व पार्षद नाना अंबोले, कई उप शाखा प्रमुख, समूह प्रमुख, शाखा अध्यक्षों और शिवसेना (उबाठा) के सैकड़ों कार्यकर्ता रविवार को शिंदे खेमे में शामिल हो गए।
शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने इस मौके पर प्रतिद्वंद्वी दल पर कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि असली शिवसेना पर जनता ने मुहर लगाई है। ढाई साल में महायुति सरकार ने लगातार जन-केंद्रित विकास को आगे बढ़ाया है। इसके बाद हुए विधानसभा चुनाव में हमने 80 सीट पर चुनाव लड़ा और 60 सीट पर जीत हासिल की, जबकि उद्धव गुट ने 100 सीट पर चुनाव लड़ा और सिर्फ 20 सीट जीत सकी।
वहीँ, महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र के रोहा तालुका प्रमुख समीर शेडगे (Sameer Shedge) ने भी शिवसेना (UBT) के सभी पदों से इस्तीफा देकर अजित पवार की एनसीपी में शामिल हो गए।
शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के रोहा तालुका अध्यक्ष समीर शेडगे अपने कई समर्थकों के साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। शेडगे ने एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद सुनील तटकरे की मौजूदगी में अजित दादा की पार्टी जॉइन की।
हाल ही में उद्धव ठाकरे ने कहा था कि उनकी पार्टी महाराष्ट्र के तटीय कोंकण क्षेत्र में खोई जमीन वापस हासिल करेगी। एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना पर कटाक्ष करते हुए ठाकरे ने कहा था कि केवल एक ही शिवसेना है और वह उनकी अगुवाई वाली है।
उन्होंने कहा, हम कोंकण पर फिर काबिज होंगे। कोंकण के चुनाव नतीजे अप्रत्याशित थे। लोगों को एक बार मूर्ख बनाया जा सकता है, हर बार नहीं। पिछले साल हुए लोकसभा और विधानसभा चुनावों में उदध गुट को इस क्षेत्र में हार का सामना करना पड़ा था।
विपक्षी महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के घटक शिवसेना (UBT) ने पिछले साल महाराष्ट्र में 9 लोकसभा सीट जीती थीं, लेकिन तटीय रायगढ़ और रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग निर्वाचन क्षेत्रों के अपने पुराने गढ़ों में हार गई। इन निर्वाचन क्षेत्रों में क्रमशः एनसीपी अजित पवार और बीजेपी ने बाजी मारी।
वहीँ, नवंबर 2024 के विधानसभा चुनाव में भी शिवसेना (UBT) ने इस क्षेत्र में महज एक सीट गुहगर जीती थी। जबकि दक्षिण कोंकण में उसका करीब-करीब सफाया हो गया। जहां शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना मजबूती से उभरी।
बीजेपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने उद्धव गुट की आलोचना करते हुए कहा कि शिवसेना (यूबीटी) पार्टी को मुंबई महानगरपालिका चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशी नहीं मिलेंगे। वर्तमान स्थिति को देखे तो पुणे में उद्धव गुट का सफाया हो चुका है और मुंबई महानगरपालिका में उसके 55 से ज्यादा नगरसेवक एकनाथ शिंदे खेमे में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में नगर निगम चुनाव के लिए घर-घर जाकर उम्मीदवार ढूंढ़ना पड़ेगा।
Updated on:
14 Apr 2025 08:31 pm
Published on:
14 Apr 2025 08:31 pm
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