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Shiv Sena: त्रिशूल, उगता सूरज या मशाल.. उद्धव गुट का हो सकता है नया चुनावी चिन्ह, सामने आई बड़ी अपडेट

Shiv Sena Electon Symbol: उद्धव ठाकरे गुट दावा किया था कि उसके (शिवसेना) विधानसभा में 14 विधायक, विधान परिषद में 12 विधायक, लोकसभा में सात सांसद, राज्यसभा में 3 सांसद, राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 160 सदस्य, 18 राज्य प्रभारी, 192 जिलाध्यक्षों और 600 उपजिला प्रमुख हैं।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Oct 09, 2022

uddhav thackeray

उद्धव ठाकरे

Uddhav Thackeray vs Eknath Shinde: शिवसेना में विभाजन के बाद उद्धव ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे गुट ने पार्टी के निशान ‘धनुष और बाण’ और पार्टी पर दावा किया है। इसके चलते शनिवार को चुनाव आयोग (Election Commission) शिवसेना के चुनाव चिन्ह को फ्रीज करते हुए शिवसेना के नाम के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी। दोनों गुटों को निर्वाचन आयोग द्वारा अब एक अलग-अलग वैकल्पिक नाम व निशान का उपयोग करना होगा। इस संबंध में आयोग ने शिवसेना के दोनों धड़ों से उनकी पसंद का नाम और चुनाव चिह्न सुझाने को कहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक, चुनाव आयोग द्वारा शिवसेना के धनुष-बाण को जब्त करने के बाद उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के खेमे के नेता अपने-अपने नए चुनाव चिह्न के लिए मंथन कर रहे हैं। इस बीच, सूत्र बता रहें है कि उद्धव ठाकरे समूह ने चुनाव चिन्ह के लिए तीन विकल्प चुने हैं। खबरों के मुताबिक, ठाकरे गुट त्रिशूल, उगता सूरज और मशाल को आगामी अंधेरी पूर्व उपचुनाव में अपना निशान बनाना चाहता है। मुंबई के अंधेरी उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख 14 अक्टूबर है। यह भी पढ़े-Shiv Sena: बालासाहेब की फोटो शेयर कर उद्धव ठाकरे बोले- जीत के दिखाएंगे; आदित्य ने शिंदे गुट पर किया कटाक्ष

इसे पहले ठाकरे गुट दावा किया था कि उसके (शिवसेना) विधानसभा में 14 विधायक, विधान परिषद में 12 विधायक, लोकसभा में सात सांसद, राज्यसभा में 3 सांसद, राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 160 सदस्य, 18 राज्य प्रभारी, 192 जिलाध्यक्षों और 600 उपजिला प्रमुख हैं।

वहीँ, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने चुनाव आयोग से इस मसले पर जल्द सुनवाई का अनुरोध किया था। हालांकि, ठाकरे गुट ने अनुरोध किया है कि जब तक सभी दस्तावेज जमा नहीं कर दिए जाते तब तक आयोग जल्दबाजी में सुनवाई नहीं करें। साथ ही दलील दी कि उपचुनाव में एकनाथ शिंदे खेमा अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगा, तो उन्हें चिन्ह की अभी कोई जरूरत नहीं है।

गौरतलब हो कि शिवसेना (Shiv Sena) के उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के नेतृत्व वाले गुटों के बीच तनातनी के चलते निर्वाचन आयोग ने पार्टी के 'धनुष और बाण' के निशान को सील कर दिया। एक अंतरिम आदेश में कहा गया कि उपचुनावों के चलते विवाद पर अंतिम फैसला आने तक निशान को सील करने का अंतरिम आदेश दिया जा रहा है। यानी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुटों में से किसी को भी 'शिवसेना' पार्टी के नाम और 'धनुष और बाण' के निशान का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी।