3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाया जाएगा

नांदेड में 26 को मनेगा वीर बाल दिवस, राजस्थान, छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों से आएंगे लोग

2 min read
Google source verification
 वीर बाल दिवस मनाया जाएगा

वीर बाल दिवस मनाया जाएगा

नांदेड. सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह के बेटों साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह की वीरता व बलिदान को श्रद्धांजलि देने के लिए 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाया जाएगा। महाराष्ट्र पर्यटन विभाग ने तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब, नांदेड के सहयोग से 25 और 26 दिसंबर (26 December) को आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। राजस्थान के गंगानगर, पंजाब के अमृतसर और हिमाचल के ऊना से विशेष गाडिय़ां यहां पहुंचेंगी। पहले दिन अंतर्धार्मिक संगोष्ठी, गतक मार्शल आर्ट की प्रदर्शनी, सिख गुरुओं के बलिदान और शिक्षाओं पर आधारित लेजर शो, शब्द कीर्तन और कथा वाचन तथा अन्य कई गतिविधियां होंगी। दूसरे दिन स्कूली बच्चों की पदयात्रा, कला और कविता पाठ, सिख मार्शल आर्ट प्रदर्शनी, लेजर शो और शब्द कीर्तन और कहानी वाचन होगा। राज्य के पर्यटन मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि आयोजन का मकसद गुरु गोबिंद सिंह के दोनों पुत्रों की वीरता को सलाम करना और उनके बलिदान को श्रद्धांजलि देना है।

बच्चों की मां भी शहीद
इस्लाम धर्म कबूल नहीं करने पर मुगल शासकों ने गुरु गोविंद सिंह के दोनों बेटों को 26 दिसंबर, 1704 को दीवार में जिंदा चुनाव दिया था। गुरु के दो भाई भी शहीद हुए थे। वीर बालकों की मां गुजरी को किले की दीवार से फेंक शहीद कर दिया था। प्रधानमंत्री नरेेद्र मोदी के निर्देश पर वीर बाल दिवस देश भर में मनाया जाता है।

10वें गुरु ने यहीं ली थी अंतिम सांस
महाराष्ट्र पर्यटन के सचिव सौरभ विजय ने बताया कि तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब नांदेड के प्रमुख गुरुद्वारों में से एक है। सिखों के पांच प्रमुख पवित्र स्थलों में यह शुमार है। इस गुरुद्वारे को 1830-1839 के बीच पंजाब के महाराजा रणजीत सिंह ने बनवाया था। यह वह स्थान है जहां गुरु गोबिंद सिंह ने अंतिम सांस ली थी। गुरुद्वारे में 10वें गुरु के नश्वर अवशेष हैं। कई हथियार भी गुरुद्वारे में हैं।