
Uddhav Thackeray on Old Pension Scheme: महाराष्ट्र में भी पुरानी पेंशन (ओपीएस) लागू करने की मांग को लेकर सरकारी कर्मचारी नागपुर में प्रदर्शन कर रहे है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सरकारी कर्मचारियों का समर्थन किया है। आज ठाकरे पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग को लेकर नागपुर में प्रदर्शन कर रहे सरकारी कर्मचारियों से मिले और शिंदे सरकार को घेरा। ठाकरे ने कहा कि सरकार को तुरंत यह मांग पूरी करनी चाहिए।
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को संबोधित किया। ठाकरे ने कहा है कि अगर मैं इस समय मुख्यमंत्री होता तो आज यह नौबत नहीं आती। मालूम हो कि पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग के लिए हजारों शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी, सरकारी कर्मचारी नागपुर के यशवंत स्टेडियम में एकत्र हुए। यह भी पढ़े-महाराष्ट्र में फिर गरमाया पुरानी पेंशन का मुद्दा, सरकारी कर्मचारियों ने दी हड़ताल की चेतावनी
उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे, संजय राउत के साथ-साथ ठाकरे गुट के कुछ अन्य विधायक भी मंगलवार को धरना स्थल गए। उन्होंने वादा किया कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वह सरकारी कर्मचारियों की मांग पूरा करेंगे। कल प्रदर्शनकारियों ने उद्धव ठाकरे से मुलाकात की थी और ओपीएस के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का अनुरोध किया था। ओपीएस को लेकर प्रदेशभर में कई बार आंदोलन हो चुका है।
‘मैं सत्ता में होता तो आंदोलन नहीं होता’
सरकारी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, जब हम ढाई साल तक सरकार में थे, तब इस मुद्दे पर केवल चर्चा शुरू हुई थी। पुरानी पेंशन योजना लागू हो सकती है या नहीं इस पर चर्चा जारी थी। दुर्भाग्य से उसके बाद कोरोना आ गया। फिर गद्दारों ने विश्वासघात करके हमारी सरकार को उखाड़ फेंका। अगर मैं मुख्यमंत्री होता तो आज आपको ये आंदोलन नहीं करना पड़ता।
उन्होंने कहा, “आज, मैं मुख्यमंत्री नहीं हूं और मेरी पार्टी और उसका चुनाव चिन्ह चुरा लिया गया है। अगर मैं मुख्यमंत्री होता तो फैसला ले सकता था। लेकिन, मैं आपको ताकत और विश्वास देने आया हूं।''
ठाकरे ने कहा, ''सरकार आती है और जाती है, लेकिन आपका हम पर जो विश्वास है, मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि शिवसेना आपके लिए हर कदम पर साथ लड़ेगी। जब तक आप जीत न जाएं तब तक अपनी लड़ाई बंद न करें। सरकार आपको झूठे वादों से गुमराह कर सकती है।''
‘पेंशन नहीं टेंशन की जरूरत’
उद्धव ठाकरे ने कहा, आप सरकार की कागजी घोषणाओं को जमीन पर उतारने का काम करते हैं। इतने महत्वपूर्ण घटक को अपने ही न्याय के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है और सरकार इस पर आंखें मूंदे है तो उन्हें पेंशन नहीं टेंशन देने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, “सरकार के झूठे वादों का शिकार न बनें। अब समय आ गया है कि महाराष्ट्र से विश्वासघात और झूठ की राजनीति को खत्म किया जाए। अब इस असंवेदनशील सरकार को दरवाजा दिखाने का समय आ गया है।''
पुरानी पेंशन योजना की मांग क्यों?
बता दें कि महाराष्ट्र में सरकारी और अर्ध-सरकारी कर्मचारियों के लिए ओपीएस की बहाली की मांग लंबे समय से हो रही हैं। राज्य में पुरानी पेंशन योजना 2005 में बंद कर दी गयी थी। ओपीएस के तहत सरकारी कर्मचारी को उनके अंतिम आहरित वेतन के 50 प्रतिशत के बराबर पेंशन हर महीने मिलती है। साथ ही कर्मचारियों को कंट्रीब्यूशन भी नहीं करना पड़ता था। जबकि नई पेंशन योजना (NPS) के तहत राज्य सरकार के कर्मचारी को अपने मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 10 प्रतिशत योगदान पेंशन के लिए देना पड़ता है और राज्य भी उतना ही योगदान देती है। फिर वह पैसा पेंशन फंड में निवेश किया जाता है और रिटर्न बाजार से जुड़ा होता है। यानि पेंशन कितनी मिलेगी यह तय नहीं होता है।
Published on:
12 Dec 2023 07:07 pm
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