2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मरकर भी रहेगी जिंदा! परिवार ने नम आंखों से लिया साहसिक फैसला, 6 लोगों की बचाई जान

Organ Donation Saved Lives: ठाणे शहर में ब्रेन डेड घोषित की गई एक 38 वर्षीय महिला के अंगदान से एक साथ छह लोगों को नया जीवन मिला है।

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Dec 28, 2025

organ donation Mumbai

एक फैसले से 6 लोगों को मिली नई जिंदगी (Patrika Photo)

Thane Crime News: कहते हैं कि इंसान दुनिया से चला जाता है, लेकिन उसके अच्छे कर्म उसे हमेशा जीवित रखते हैं। मुंबई से सटे ठाणे शहर की एक 38 वर्षीय महिला के परिवार ने इस बात को सच कर दिखाया है। दुनिया को अलविदा कहने के बाद भी महिला अब छह अलग-अलग शरीरों में 'जीवित' रहेगी। दुख की इस घड़ी में परिवार द्वारा लिए गए एक साहसिक फैसले ने छह लोगों को नया जीवन दे दिया है।

क्या है पूरा मामला?

ठाणे के हजूरी इलाके की रहने वाली महिला को 19 दिसंबर को अचानक ब्रेन हैमरेज हुआ था। उन्हें तुरंत महावीर जैन (Mahavir Jain Hospital Thane) अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और 25 दिसंबर (क्रिसमस) के दिन उन्हें 'ब्रेन डेड' घोषित कर दिया गया।

दुख के पहाड़ के बीच परिवार का बड़ा फैसला

जब डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि महिला अब कभी ठीक नहीं हो सकती तो पूरा परिवार टूट गया। महिला की 9 साल की एक बेटी भी है। लेकिन इस बेहद कठिन समय में डॉक्टरों ने परिजनों को अंगदान (Organ Donation) के महत्व के बारे में समझाया। जिसके बाद परिवार ने अपनी भावनाओं पर काबू पाया और समाज के प्रति अपने कर्तव्य को ऊपर रखा। उन्होंने महिला के अंगों को दान करने का फैसला लिया।

17 मिनट में दिल पहुंचाया

26 दिसंबर को डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने सफलतापूर्वक छह अंगों को निकाला। इनमें हृदय (Heart), लीवर (Liver), दो किडनी, अग्न्याशय (Pancreas) और फेफड़े (Lungs) शामिल थे। अंगों को समय पर पहुंचाने के लिए पुलिस ने 'ग्रीन कॉरिडोर' बनाया।

ठाणे से पवई (मुंबई) के हीरानंदानी अस्पताल (Dr. L H Hiranandani Hospital) तक महिला का हृदय महज 17 मिनट में पहुंचाया गया, जिससे एक गंभीर मरीज की जान बच गई। पांच अंगों को मुंबई और एक अंग को ठाणे के ही मरीज में प्रत्यारोपित किया गया।

इस महान फैसले को देखते हुए जैन ट्रस्ट और महावीर जैन अस्पताल ने एक सराहनीय कदम उठाया है। मृत महिला की 9 वर्षीय बेटी के भविष्य के लिए दो लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) देने की घोषणा की है।

महावीर जैन अस्पताल के डॉ. विनीत रणवीर ने कहा की छह अंग से छह जिंदगियां बचाई गई। यदि समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़े तो इसी तरह कई जरूरतमंदों को नया जीवन मिल सकता है।