RBI Governor के फैसलों से आपकी Income पर पड़ सकता है बुरा असर, जानिए कैसे?

  • Repo Rate Cut से Bank कम कर सकते हैं Loan Interest Rates पर Margin
  • 0.25 से 0.50 फीसदी तक घट सकती हैं Fixed Deposits पर Interest Rates

By: Saurabh Sharma

Updated: 22 May 2020, 05:54 PM IST

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ( Reserve Bank of India Governor Shaktikant Das ) की ओर से रेपो रेट में कटौती ( Repo Rate Cut ) छोटी कंपनियों और कर्ज लेने वाले लोगों को तो बड़ी राहत दी है, लेकिन इस फैसले से निवेशकों को बड़ा झटका लग सकता है। रेपो रेट में कटौती से बैंक अपनी फिक्स्ड डिपोजिट ( Fixed Deposit ) की ब्याज दरों में कटौती कर सकते हैं। जिसका असर निवेशकों की कमाई पर पड़ सकता है, जो उन्हें ब्याज के रूप में होती है। जानकारों की मानें तो बैंक लोन ( Bank Loan ) की ब्‍याज दरों पर अपना मार्जिन कम कर सकते हैं। जिसकी वजह से कर्ज़ की दरों में भी कमी आ सकती है।

यह भी पढ़ेंः- RBI Governor: Interest Rates में कटौती से कितना पड़ेगा आपकी जेब पर असर

निवेशकों की कमाई पर होगा असर
जानकारों की मानें तो आरबीआई के फैसले से बैंक डिपॉजिट की दरों में कटौती देखने को मिल सकती है। इकोनॉमी में एक्स्ट्रा लिक्विडिटी से ब्‍याज दरों पर दबाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट पर ब्‍याज दर में 0.25 से 0.50 फीसदी कटौती देखने को मिल सकती है।

यह भी पढ़ेंः- August तक Loan EMI से आम आदमी को राहत, इस तरह से उठा सकेंगे लाभ

इससे पहले भी कम हो चुकी है ब्याज दरें
मार्च के आखिरी सप्ताह में जब आरबीआई की ओर से रेपो दरों में 0.75 फीसदी की कटौती की थी तब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया समेत कई बड़े बैंकों की ओर से एफडी पर ब्याज दरों में कटौती की थी। जानकारी के अनुसार इसी महीने की 12 तारीख को एसबीआई की ओर से 3 साल की एफडी की ब्याज दरों में 0.20 फीसदी की कटौती की थी। बैंक की ओर से 3 साल से 10 साल की समयसीमा की एफडी की ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया था।

यह भी पढ़ेंः- Interest Rates में कटौती से लेकर Loan Moratorium तक RBI Governor ने दी बड़ी राहतें

दूसरे विकल्पों के बारे में सोचें निवेशक
एफडी जैसी निवेश योजनाओं पर लगातार ब्याज दरों में कटौती निवेशकों के लिहाज से ठीक नहीं है। इससे निवेशकों की कमाई पर गहरा असर देखने को मिलता है। निवेशकों को ऐसे विकल्पों के बारे में भी सोचना चाहिए जहां ज्यादा मुनाफा हो। वैसे एफडी जैसी निवेश योजनाएं काफी सुरक्षित मानी जाती हैं, ऐसे में इस बारे में भी सोच लेना चाहिए कि वो जोखिम लेने की सक्षम है भी या नहीं।

Show More
Saurabh Sharma Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned