
शामली। बच्चे कभी-कभी खेल-खेल में ऐसा कर जाते हैं जिसका उन्हें अंदाजा भी नहीं होता है। ऐसा ही कुछ कैराना क्षेत्र में देखने को मिला। जब आधा दर्जन से ज्यादा बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे। तभी आधा दर्जन मासूम बच्चे कसौंदी के बीज खा लिए। जिसके कारण उनकी हालत बिगड़ गई। गंभीर हालत में बच्चों को उनके परिजनों ने किसी तरह कैराना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए भर्ती कराया। जहां से चिकित्सकों ने सभी बच्चों की हालत को चिंताजनक देखते हुए, मुजफ्फरनगर हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया है। जहां अभी बच्चों का उपचार हॉस्पिटल में चल रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक बच्चों की हालत में सुधार है।
दरअसल आपको बता दें कि मामला जनपद शामली के कैराना कोतवाली क्षेत्र के बाईपास रोड स्थित सफा कॉलोनी का है। जहां तीन परिवार के बच्चे एक साथ मिलकर घर के बाहर खेल रहे थे। इस दौरान सभी बच्चे अनजाने पन में पास में ही लगे एक कसौंदी के पेड़ के पास पहुंच गए और उस पर लगे बीज को तोड़कर खा लिया। बीज खाने के बाद बच्चे वापस घर आ गए। लेकिन कुछ ही देर बाद बच्चों की हालत बिगड़ने लगी। जिसके बाद बच्चों को उल्टी होने शुरू हो गई और बेहोशी की हालत में सभी बच्चे पहुंचने लगे।
बच्चों को परिजनों ने आनन-फानन में कैराना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए देर शाम भर्ती कराया था। जहां चिकित्सकों ने सभी बच्चों को प्रथम उपचार देने के बाद उनकी हालत को चिंताजनक देखते हुए मुजफ्फरनगर हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया था। जिसके बाद परिजन एंबुलेंस के माध्यम से सभी बच्चों को मुजफ्फरनगर के एक निजी हॉस्पिटल में ले गए। जहां उन्हें भर्ती कराया गया है। बच्चे अभी हॉस्पिटल में ही भर्ती हैं। जिनका उपचार किया जा रहा है। हालांकि चिकित्सकों की माने तो करीब 8 घंटे बाद बच्चों की हालत में काफी सुधार आया है और वह जल्दी स्वस्थ हो जाएंगे।
4 साल पहले भी हुई थी दो बच्चों की मौत
यहां गौर करने वाली बात ये है करीब 4 साल पूर्व झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव मवी और नौनागली में भी इसी तरह से बच्चों ने कसौंदी की फली खा ली थी। जिसके बाद नोनांगली में दो बच्चियों की मौत हो गई थी।
Published on:
03 Nov 2017 03:04 pm
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