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मुजफ्फरनगर की जामा मस्जिद से किया गया कन्हैया लाल के हत्यारोपियों का धार्मिक और सामाजिक बहिष्कार का ऐलान

उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या के आरोपियों के खिलाफ देशभर के लोगों में गुस्सा है। देशभर में हुए प्रदर्शनों में आरोपियों को फांसी देने की मांग की गई है। वहीं मुजफ्फरनगर की जामा मस्जिद से घटना की घोर निंदा करते हुए आरोपियों के धार्मिक और सामाजिक बहिष्कार का ऐलान किया गया है।

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राजस्थान के उदयपुर में दर्जी कन्हैयालाल की निर्मम हत्या के बाद पूरे देश में इस घटना की घोर निंदा की जा रही है। इसके साथ ही आरोपियों को फांसी की सजा की मांग करते हुए देश के सभी राज्यों में प्रदर्शन हो रहे हैं। यूपी के मुजफ्फरनगर में भी गुरुवार दोपहर मुस्लिम समाज के लोगों ने जामा मस्जिद की शाह लाइब्रेरी में मुस्लिम धर्मगुरु ने उदयपुर घटना की घोर निंदा की और कन्हैया लाल के हत्यारों की फांसी की सजा देने की मांग की। मौलाना खालिद बशीर कासमी ने घटना को आतंकवादी घटना बताते हुए आरोपियों का सामाजिक बहिष्कार के साथ धार्मिक बहिष्कार करने का ऐलान किया।

मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना खालिद बशीर कासमी ने कहा है कि हिंदुस्तान की गंगा-जमुनी तहजीब और हिंदू-मुस्लिम भाईचारे एकता की मिसाल पूरे विश्व में विख्यात है। लेकिन, जिस तरीके से राजस्थान में टेलर मास्टर कन्हैया लाल की निर्मम हत्या की गई है, वह बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस्लाम में इंसानियत का पाठ पढ़ाया जाता है न कि नफरत का। कन्हैया लाल के हत्यारे किसी आतंकवादी से कम नहीं हैं। इसलिए हम इस घटना की घोर निंदा करते हैं। साथ ही कन्हैया लाल के हत्यारों को फांसी की सजा की मांग करते हैं।

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हत्यारोपियों की इस्लाम में रहने की कोई गुंजाइश नहीं

मुस्लिम धर्मगुरु ने कहा कि हम कन्हैया लाल के हत्यारों का सिर्फ सामाजिक बहिष्कार ही नहीं करते हैं, बल्कि ऐसे लोगों को इस्लाम में रहने की भी कोई गुंजाइश नहीं है। इसलिए उनका धार्मिक और सामाजिक बहिष्कार किया जाता है। बता दें कि मौलाना का ये बयान उस वक्त आया है, जब देशभर में तमाम संगठन के लोग इस घटना का विरोध कर रहे हैं।

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जमीअत के दोनों गुटों ने घटना को बताया कलंक

वहीं, इससे पहले जमीयत उलेमा-ए-हिंद के दोनों गुटों ने उदयपुर में हुई घटना पर दुख जताते हुए कड़े शब्दों में निंदा की। मौलाना अरशद मदनी और मौलाना महमूद मदनी ने कहा है कि यह घटना मानवता के लिए कलंक है और गैर इस्लामिक है। जमीयत के दोनों संगठनों ने साफ कहा कि वह मॉब लिंचिंग के खिलाफ हैं और उदयपुर की घटना का पुरजोर विरोध करते हैं।