
मुजफ्फरनगर. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अपराधियों पर नकेल कसने के साथ ही उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। इसकेे साथ ही पुलिस और प्रशासन लाइसेंसी हथियारों का आपराधिक व अन्य गतिविधियों में इस्तेमाल करने के मामलों में सख्ती बरत रहा है। एसएसपी ने 32 शस्त्र लाइसेंसों को निलंबित करने की संस्तुति की थी, जिनमें से डीएम ने 29 शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। जबकि दो फाइलें अभी लंबित हैं।
बता दें कि मुजफ्फरनगर में 17 हजाार 6 सौ 8 शस्त्र लाइसेंस निर्गत हैं। वहीं 58 शस्त्र लाइसेंस स्थानांतरण का आवेदन लंबित है। पुलिस के अनुसार, कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें लाइसेंसी शस्त्रों का इस्तेमाल हर्ष फायरिंग आपराधिक या अन्य गतिविधियों में किया गया है। इसके अलावा ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जिन्होंने रसूख के बल पर शस्त्र लाइसेंस हासिल किए हैं। इस तरह एसएसपी अभिषेक यादव की तरफ से करीब एक वर्ष में 32 लाइसेंस धारकों को चिन्हित कर उनके खिलाफ निलंबन की संस्तुति डीएम से की गई।
एसएसपी की संस्तुति पर जिलाधिकारी ने 29 लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। इसके अलावा जिले में दर्जनभर आवेदन ऐसे भी लंबित हैं, जो विभिन्न आपराधिक घटनाओं के पीड़ितों ने अपनी सुरक्षा के मद्देनजर किए हैं। एडीएम प्रशासन अमित कुमार सिंह का कहना है कि फिलहाल ऐसे सभी आवेदकों की जांच की जा रही है।
इस संबंध में एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि पिछले कुछ समय से ऐसे लोगों को चिन्हित करने की कार्रवाई शुरू की गई है, जो शस्त्र लाइसेंस धारक होते हुए भी अवैधानिक गतिविधियों में लिप्त हैं। ऐसे 32 लोगों के शस्त्र लाइसेंस निलंबन की संस्तुति की जा चुकी है, जिनमें से एक का लाइसेंस निरस्त हो गया तथा 29 शस्त्र निलंबित हुए हैं। दो फाइल प्रक्रिया में है, जिन पर फिलहाल कोई निर्णय नहीं हुआ है।
Published on:
09 Sept 2020 12:13 pm
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