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मेडिकल कॉलेज की चाैथी मंजिल से कूदकर कोरोना मरीज ने कर ली आत्महत्या

मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज की चाैथी मंजिल से कूदकर एक कोरोना मरीज ने आत्महत्या कर ली। अब परिजनाें ने आराेप लगाया है कि कोरोना रिपाेर्ट निगेटिव थी फिर भी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कर लिया गया।

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राजकुमार का फाइल फाेटो

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar ) देर रात करीब ढाई बजे एक कोरोना मरीज ने बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज ( medical college ) की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। नई मंडी थाना क्षेत्र के लालबाग गांधी कॉलोनी के रहने वाले 55 वर्षीय राजकुमार को 8 जनवरी के दिन कॉविड पॉजिटिव होने पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था।

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बुधवार देर रात वह मेडिकल कॉलेज की चाैथी मंजिल से कूद गया। राजकुमार के बेटे रविंद्र के अनुसार सुबह 4:00 बजे उसे बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज से फोन आया कि उनके पापा की तबीयत खराब है। जब परिवार के लाेग हॉस्पिटल पहुंचे तो हॉस्पिटल के कर्मचारियों ने बताया कि राजकुमार की चाैथी मंजिल से गिरकर मृत्यु हाे गई। इसके बाद परिवार के लाेगाें ने हंगामा कर दिया। आराेप लगाया कि चिकित्सकों की लापरवाही से राजकुमार ने आत्महत्या की उन्हे वहां पर सही इलाज नहीं मिल रहा था और किसी से भी मिलने न हीं दिया जा रहा था।

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इस पूरे मामले में जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी ( जे ) का कहना है कि आठ जनवरी को एक मरीज राजकुमार जो कि कोविड से संक्रमित था उसको इलाज के लिए बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। जहां उसने हॉस्पिटल की चौथी मंजिल से कूदकर खुदकुशी कर ली है। मृतक का अपने परिवार में कुछ विवाद था जिस कारण मरीज ने सुसाइड किया है। अभी इस मामले में जांच की जा रही है कि आत्महत्या के पीछे कोई और वजह तो नहीं है।

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इधर राजकुमार के बेटे ने पुलिस काे जो तहरीर दी है उसमे कहा गया है कि राजकुमार ने मरने से पहले अपने बेेटे काे फोन करके बताया था कि उसे सही इलाज नहीं मिल रहा है। यह भी आराेप है कि पहली जांच निगेटिव आई थी जिसके बाद दाेबारा से जांच पॉजिटिव की गई और उन्हे भर्ती कर लिया गया और परिवार के किसी सदस्य काे भी उनसे मिलने नहीं दिया गया। परिवार वालाें ने आत्महत्या के पीछे परिवार वालाें की लापरवाही काे कारण बताया है।