
मुजफ्फरनगर. नागरिकता संशोधन बिल के विरोध को लेकर 20 दिसंबर को मुज़फ्फरनगर में हुए प्रदर्शन के दौरान हुए प्रॉपर्टी के नुकसान को वसूलने के लिए जिला प्रशासन ने एक सदस्याय टीम गठित की है। इसकी कमान एडीएम प्रशासन अमित सिंह को सौंपी गई है। इस बारे में अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय की जो गाईडलाइन्स थी, उसी के अनुसार शहर में जो भी निजी या सरकारी प्रॉपर्टी की 20 तारीख से लेकर 23 तारीख के बीच क्षति हुई है। उनका कलेम हमारी कोर्ट में आना है।
अभी तक करीब 23 वाहनों के कलेम आ चुके हैं। इस कलेम को हमने आरटीओ डिपार्टमेंट और एएसएमडब्लू को आकलन के लिए भेजा हुआ है। इसमें मुख्य बात ये है कि जो हमें नोटिस जारी करना है, वो 23 तारीख के बाद जारी करना है। सिविल लाइन और कोतवाली के एसओ को हमने नोटिस भेजा हुआ है कि ऐसे व्यक्ति जिनके द्वारा इस क्षति का कारित किया गया है। उनका नाम और पता के विवरण हमारी कोर्ट में भेजे, ताकि हम उन व्यक्तियों पर क्षति कारित करने का नोटिस भेज सके। क्योंकि एक हफ्ते का टाइम कलेम लेने का है और अगला हफ्ता नोटिस भेजने होता है। दोनों एसओ से आग्रह किया है कि 23 तारीख तक वीडियो फुटेज के आधार पर उन लोगों का विवरण भेजें, जिन्होंने इस क्षति को कारित किया है। जैसे ही उनका विवरण हमें प्राप्त होगा। हम उन लोगों को नोटिस जारी कर देंगे। फिर तो काफी लोगो के नाम है मगर जिन्होंने पथराव और आगजनी की है वीडियो फुटेज के आधार पर उन लोगो को चिन्हित किया जा रहा है।
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इसमें मापदंड ये है कि हम उन व्यक्तियों को नोटिस जारी करेंगे, पुलिस से प्राप्त आख्या के आधार पर जो भी फुटेज है, उससे ये प्रतीत हो रहा है कि उनके द्वारा क्षति कारित की गई है। जो भी क्षति का मूल्यांकन होगा, उसका इन लोगों को सोकॉज जारी करेंगे, जवाब के आधार पर और क्षति के आधार पर ये साबित होता है कि इनके द्वारा ये क्षति कारित की गई है। तो जो गाड़ी का मूल्य है, वो इन पर क्षति के रूप में आरोपित होगा। जैसे हमें मालूम होगा कि इस व्यक्ति ने इस गाड़ी में आगजनी की है। उस पर आरोपित होगा और अगर एक समूह है तो वह उस समूह में डिवाइड होगा।
Published on:
29 Dec 2019 07:09 pm
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