28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मंत्री के सामने उद्यमियों ने सिंचाई विभाग के अधिकारी से की अभद्रता

सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा हटाने को लेकर राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल की बैठक में हंगामा।

2 min read
Google source verification
muzaffarnagar2.jpg

मुजफ्फरनगर. सिंचाई विभाग के डाक बंगले पर राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के सामने अधिकारी से अभद्रता और धक्का-मुक्की का मामला सामने आया है। बता दें कि सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा हटाने पर व्यापारियों ने राज्यमंत्री अग्रवाल के सामने ही अधिकारी से अभद्रता की। जबकि खुद मंत्री अग्रवाल ने ही सिंचाई विभाग के अधिकारी को बैठक में बुलाया था।

दरअसल, बैठक में मंत्री कपिल देव अग्रवाल के साथ शहर के कई उद्योगपति तय समय पर पहुंच गए थे, लेकि सिंचाई विभाग के अधिकारी घंटों बाद पहुंचे। इस पर मंत्री और उनके समर्थकों के साथ उद्योगपतियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के आने के बाद बातचीत का दौर शुरू हुआ था। उद्योगपतियों ने मंत्री कपिल देव अग्रवाल की मौजूदगी में ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ अभद्रता शुरू कर दी और उनके साथ धक्का-मुक्की तक की गई। मामला बढ़ता देख मंत्री ने मामले में बीच-बचाव कराया। इसके बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। उद्योगपतियों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उद्योगपतियों द्वारा अवैध कब्जा की गई सिंचाई विभाग की जमीन से कब्जा हटाने को लेकर नाराजगी जताई। उद्योगपतियों ने कहा कि जब सिंचाई विभाग को सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाना था तो उन्हें पहले नोटिस दिया जाना चाहिए था। लेकिन, बगैर नोटिस के अधिकारियों ने जबरन फैक्ट्रियों की दीवार गिरा दी, जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है।

यह भी पढ़ें- कवाल कांड: पूर्व सांसदों और विधायकों के खिलाफ एक सितंबर को तय होंगे आरोप

अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू

सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरीश शर्मा ने बताया कि उन्हें मंत्री जी ने मीटिंग के लिए बुलाया था, जो भी हुआ गलत हुआ। इसमें जिम्मेदारी मंत्री जी की थी। इस मामले में मंत्री कपिल देव अग्रवाल का कहना है कि सिंचाई विभाग की एक जमीन है, जिस पर कोई इंडस्ट्रीज है। सिंचाई विभाग का कहना है कि फैक्ट्री वालों ने हमारी सरकारी जमीन पर कब्जा किया हुआ है। ये रजवाहा 40 से 50 साल से बंद पड़ा है और लगभग 35 साल से यहां फैक्ट्रियां चल रही हैं। अग्रवाल ने कहा कि अधिकारियों को कब्जा हटाने से पहले सूचित करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

ये था पूरा मामला

गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर में थाना मंसूरपुर क्षेत्र के इंडस्ट्रियल एरिया में एक राजवाहे के किनारे कई फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं। आरोप है कि कुछ फैक्ट्रियों ने सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा कर फैक्ट्रियां बनाई हैं। इसी शिकायत पर पिछले दिनों सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बुलडोजर ले जाकर सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया था। इसके बाद से व्यापारी सिंचाई विभाग के अधिकारियों से नाराज थे और लगातार मंत्री व विधायकों से सिंचाई विभाग के अधिकारियों की शिकायत कर रहे थे। इसी के चलते मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस पर मीटिंग बुलाई, जिसमें जमकर हंगामा हुआ।

यह भी पढ़ें- 251 रुपए में दुनिया के सबसे सस्ते स्मार्ट फोन का सपना दिखाने वाला शातिर ठग गिरफ्तार

Story Loader