
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मुजफ्फरनगर. जिले में एक बार फिर लव जिहाद (Love Jihad) का नया मामला सामने आया है। थाना खतौली कोतवाली में उस समय हिंदूवादी संगठन के लोगों और महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया, जब सूचना मिली कि हमीरपुर जिले से बहला-फुसलाकर लाई गई दो युवतियां कस्बा खतौली में मुस्लिम परिवारों में कैद हैं। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी करते हुए दो महिलाओं को बरामद किया। हालांकि उन्हें प्रेम जाल में फंसाकर उनका धर्मांतरण (Conversion) करने वाले आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने एक आरोपी के भाई और उसकी मां को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और मामले की तहकीकात में जुट गई है। पुलिस के अनुसार, दोनों ही मामलों में हमीरपुर (Hamirpur) में मुकदमे दर्ज हैं और हमीरपुर पुलिस दोनों युवतियों को लेने मुजफ्फरनगर पहुंच रही है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण का मामला तूल पकड़ रहा है। 2017 के विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद लव जिहाद के मामलों में गिरावट आई थी, लेकिन कुछ गंदी मानसिकता के लोग आज भी लव जिहाद और धर्मांतरण के मामलों में संलिप्त हैं, जो अपने नाम हिंदुओं के अनुसार सोनू, मोनू, रोहित, राहुल आदि रखकर हिंदू धर्म की भोली-भाली युवतियों को विभिन्न प्रकार के सब्जबाग दिखाकर अपने प्रेम जाल में फंसाते हैं। फिर उन्हें बहला-फुसलाकर उनके घर में रखें पैसे और कीमती ज्वैलरी के साथ उन्हें भगाकर ले आते हैं। इसके बाद उनका मस्जिद या मदरसा या काजियों के यहां ले जाकर पहले धर्मांतरण कराया जाता है और फिर मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार उनका निकाह कराया जाता है।
वर्तमान शहर काजी ने प्रमाण पत्रों को बताया फर्जी
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) के थाना खतौली कोतवाली में ऐसे ही 2 मामलों का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें एक हिंदू युवती को लगभग डेढ़ साल पहले कस्बा खतौली निवासी रहमान पठान नाम का युवक बहला-फुसलाकर लाया था और उसका धर्मांतरण कर उसके साथ निकाह कर अपने घर में रख रहा था। वहीं अब लगभग डेढ़ माह पहले यानी 28 मई 2021 को वसीम उर्फ मोनू नाम का युवक एक युवती को बहला-फुसलाकर अपने प्रेम जाल में फंसाकर कीमती ज्वेलरी और रुपयों के साथ खतौली लेकर आ गया और उसका धर्मांतरण कर उसे अपने घर में रख रहा था। सबसे बड़ी बात यह है कि इस धर्मांतरण और निकाह के मामले में जो सर्टिफिकेट बरामद हुए हैं। उन पर मुजफ्फरनगर के प्रसिद्ध तत्कालीन शहर काजी स्वर्गीय जहीर आलम की मोहर और हस्ताक्षर पाए गए हैं जिसमें दो अलग-अलग प्रमाण पत्रों में एक में मैरिज सर्टिफिकेट तो दूसरा धर्मांतरण का सर्टिफिकेट शामिल है। वहीं, गवाह आमिर पुत्र मुन्ना, मुन्ना पुत्र रफीक और कासिम पुत्र मुरसलीन ये तीनों ही मेरठ के हैं। नगर के वर्तमान शहर काजी तनवीर आलम के अनुसार दोनों ही प्रमाण पत्र फर्जी हैं।
फर्जी कागजात बनवाना चाहता था वसीम
बता दें कि लव जिहाद और धर्मांतरण के इन मामले का भेद तब खुला जब खतौली के एक वार्ड सभासद से आरोपी वसीम लव जिहाद कर लाई गई युवती के फर्जी कागजात बनवाना चाह रहा था। सभासद ने आरोपी से उसका आधार कार्ड मांगा तो उसने कई दिन तक भी आधार कार्ड उपलब्ध नहीं कराया। इसी बीच किसी तरह सभासद को लाई गई युवती के हिंदू होने की भनक लग गई। इसके बाद सभासद मोनू मंगवानी ने मामले की जानकारी पुलिस को दे दी। इसके बाद यह खबर जिले में आग की तरह फैल गई और महिला मोर्चा की महिलाएं खतौली थाने पहुंच गईं और जकर हंगामा किया। पुलिस ने आनन-फानन में आरोपी वसीम उर्फ मोनू के भाई रिजवान उर्फ सोनू उसकी मां को हिरासत में ले लिया। जानकारी के अनुसार, दोनों युवतियां हमीरपुर के राठ थाना क्षेत्र की रहने वाली हैं। मुजफ्फरनगर पुलिस ने दोनों को बरामद कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए उनकी तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, आरोपी वसीम उर्फ मोनू इससे पहले भी एक युवती को लेकर फरार हुआ था, मगर परिजन अब मामले से छुटकारा पाने के लिए उसे घर से बेदखल बता रहे हैं।
Published on:
24 Jun 2021 11:03 am

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