
मुजफ्फरनगर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद की बुढाना तहसील क्षेत्र के कसेरवा गांव में हिंदू मुस्लिम भाईचारे की मिसाल देखने को मिली है। दरअसल, एक 60 वर्षीय ब्राह्मण बुजुर्ग की 5 जून की शाम को हृदय गति रुकने से मौत हो गई थी। ब्राह्मण परिवार 25 हजार की मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्र में बीचोबीच रहता है। जहाँ लॉक डाउन में ब्राह्मण परिवार के यहां कोविड-19 और लॉकडाउन के चलते महामारी के चलते रिश्तेदार नहीं आ पाए।
इस बीच गांव के मुस्लिम लोगों ने हिंदू रीति रिवाज के साथ अर्थी को कंधा देकर बुजुर्ग का अंतिम संस्कार किया। वहीं सोशल मीडिया पर मुस्लिमों द्वारा ब्राह्मण की अर्थी को कंधा देने वाली वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि ये ब्राह्मण परिवार 300 साल से भी पहले कसेरवा गांव में रहता है। वहीं मृतक ब्राह्मण बृजभूषण गांव के अंदर मुस्लिम मौलाना आजाद जूनियर स्कूल में कई वर्षों तक अध्यापक भी रहे हैं और हाल ही में वो गांव में अपनी 4 बीघा जमीन की खेती करते थे।
गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर में 2013 के दंगों के बाद संप्रदायिक हिंदू-मुस्लिम तनाव इतना बढ़ गया था कि लोग एक दूसरे के पास बैठना तो दूर एक दूसरे को देखना भी पसंद नहीं करते थे, लेकिन कसेरवा गांव में संप्रदायिक हिंदू मुस्लिम की जो खाई थी वो गांव में जरा सी भी नजर नहीं आई। जिसके चलते मुस्लिम भाइयों ने हिंदू रीति रिवाज के साथ बृजभूषण के शव को हिंदू रीति रिवाज के साथ कंधा देकर श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया।
Updated on:
07 Jun 2020 02:53 pm
Published on:
07 Jun 2020 02:52 pm
