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Lockdown: अब शराब खरीदने के लिए शराबी को भरना होगा फॉर्म, यह है वजह

Highlights दो दिन में मुजफ्फरनगर में बिकी पौने तीन करोड़ की शराब एसएसपी ने कई स्थानों पर शराब की दुकानों का किया निरीक्षण शराब लेने वाले हर व्यक्ति का डाटा होगा आबकारी विभाग के पास

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मुजफ्फरनगर। कोविड—19 वैश्विक महामारी के चलते करीब डेढ़ माह तक शराब की दुकानों समेत कई गैर जरूरी सामान की दुकानें बंद रहीं। 42 दिन तक बंद रही शराब की सरकारी दुकानों के कारण सरकार को भी अरबों रुपए के राजस्व की चपत लगी है। इस दौरान शराब के शौकीन भी बोतल के लिए तरसते दिखाई दिए।

दोगुने दाम पर बिकी शराब

सूत्रों के अनुसार, मुजफ्फरनगर में शराब की बोतलें दोगुने से चार गुना ज्यादा दाम पर बेची जा रही हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में राजस्व स्थिति को ध्यान में रखते हुए शराब की दुकानें खोलने का फैसला लिया था। इसके बाद 4 मई से प्रदेश के कइ्र जिलों में ठेके खुल गए। इससे ठेकों के बाहर दो—तीन किमी की लंबी लाइनें तक देखीं गई। मंगलवार को प्रदेश के बाकी जिलों में भी शराब की दुकानें खुल गई थीं।

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शराबी से भरवाया फॉर्म

दो दिन में मुजफ्फरनगर में शराबी पौने तीन करोड़ रुपए की शराब गटक गए। गुरुवार को एसएसपी अभिषेक यादव ने जनपद में कई स्थानों पर शराब की दुकानों का निरीक्षण किया। एसएसपी ने बताया कि अब शराब लेने वाले हर व्यक्ति का डाटा आबकारी विभाग के पास होगा। जो भी व्यक्ति किसी भी ठेके पर शराब लेने आएगा तो उससे एक फॉर्म भरवाया जाएगा। इसमें उस व्यक्ति की पूरी डिटेल होगी।

यह कहा एसएसपी ने

एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि जनपद मुजफ्फरनगर में यह प्रक्रिया पहले दिन से ही चालू हो गई थी। इस वजह से कई दुकानों पर घंटों बाद शराब की बिक्री शुरू हुई थी। हालांकि, जनपद में किसी भी शराब की दुकान पर कोई किसी तरह की अव्यवस्था नहीं देखी गई थी मगर यह बात जरूर है कि जनपद की कई दुकानों पर ओवर रेटिंग की शिकायत जरूर मिली है। आबकारी विभाग द्वारा इन शिकायतों को तुरंत दूर भी किया गया था।

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क्या है मकसद

फॉर्म भरने वाला व्यक्ति अगर कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो उसकी डिटेल से पता चल जाएगा कि वह ठेके पर तो नहीं गया था। इसके बाद संबंधित ठेके को सील कर दिया जाएगा और उसके संपर्क में आने वाले सभी लोगों की जांच की जाएगी। साथ ही ठेके के सेल्समैन को भी क्वारेंटाइन किया जाएगा।