
जानिए कौन हैं अखिलेश यादव को रोकने वाले एडीएम वैभव मिश्र, ड्यूटी के लिए भाजपाइयों से भी भिड़ चुके हैं
मुजफ्फरनगर। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को लखनऊ एयरपोर्ट पर रोकने वाले एडीएम वैभव मिश्र एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। आज वह सभी अखबारों की सुर्खियां बने हुए हैं। बता दें कि पीसरएस अधिकारी वैभव मिश्र इससे पहले भी ड्यूटी के दौरान डटे रहे हैं। मुजफ्फरनगर में तैनाती के दौरान उनका अतिक्रमण हटाओ अभियान काफी चर्चा में रहा था। हाईकोर्ट के आदेश पर चले इस अभियान के दौरान उनकी भाजपा के नेताओं से झड़प भी हुई थी, जिसके बाद उनका ट्रांसफर कर दिया गया था।
सुर्खियों में आए वैभव मिश्र
मंगलवार को जब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, तब उन्हें लखनऊ एयरपोर्ट पर रोक लिया गया था। अखिलेश यादव को रोकने वाले एडीएम वैभव मिश्र ने बाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की थी। अखिलेश यादव को रोेके जाने के बाद पूरे राज्य में सपाइयों ने प्रदर्शन किया था। इसके साथ ही पीसीएस ऑफिसर वैभव मिश्र भी सुर्खियों में आ गए।
टॉपर रहे हैं वैभव
वैभव मिश्र 2008 पीसीएस बैच के टॉपर हैं। वह प्रतापगढ़ की पट्टी तहसील क्षेत्र के गजरिया गांव के निवासी हैं। उनके पिता एसपी मिश्र भारतीय सेना में वॉरंट ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे। जब वह पांच साल के थे, तब उनके पिता का निधन हो गया था। वैभव मिश्र ने गजरिया के ठाकुर श्यामसुंदर सिंह स्कूल और राम राज इंटर कॉलेज से से शुरुआती पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने लालगंज के रामअजोर इंटर कॉलेज से इंटर किया। फिर उन्होंने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बीए और पीजी करने के बाद जेआरएफ क्लीयर किया। उनहोंने बिना कोचिंग के ही 2008 पीसीएस बैच में टॉप किया है।
भाजपाइयों से हुई थी तकरार
पिछले साल अप्रैल में उनकी तैनाती सिटी मजिस्ट्रेट के तौर पर मुजफ्फरनगर में थी। यहां हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चला था। इस दौरान उन्हें व्यापारियों को काफी विरोध झेलना पड़ा था। इस दौरान भाजपा नेताओं ने उन पर रौब झाड़ने की कोशिश की थी लेकिन सफल नहीं हो पाए। अतिक्रमण हटाओ अभियान की कार्रवाई शहर में जाम को देखते हुए की गई थी। इस दौरान भाजपा नेता व व्यापारी सुनील तायल पर अधिकारियों से अभद्रता का भी आरोप लगा था। इसको लेकर तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्र व सुनील तायल के बीच तकरार हुई थी। विरोध के चलते पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा था। जिला प्रशासन ने वहां से अतिक्रमएा हटवाकर ही दम लिया था।
आजादी के बाद पहली बार हटा था अतिक्रमण
मुजफ्फरनगर में तैनात रहने वाले पहले अधिकारी रहे हैं वैभव मिश्र, जिन्होंने आजादी के बाद मुजफ्फरनगर खालापार इलाके से अतिक्रमण हटवाया था। वहां अतिक्रमण हटाने के दौरान लोगों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद कर सम्मानित भी किया था।वहीं, इसके बाद भाजपा सांसद व विधायकों को व्यापारियों के बीच में जाना पड़ा था। शासन स्तर पर डीएम राजीव शर्मा ने वैभव मिश्र की पैरवी की थी लेकिन मई 2018 में सिटी मजिस्ट्रेट का तबादला कानपुर कर दिया गया था।
Updated on:
13 Feb 2019 06:13 pm
Published on:
13 Feb 2019 12:10 pm
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