
AI Generated Image
Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर के रेड लाइट एरिया चतुर्भुज स्थान में नाबालिग लड़कियों से जुड़े देह व्यापार का एक बड़ा मामला सामने आया है। हैरानी की बात है कि जिस इलाके में खास निगरानी के लिए पुलिस भी तैनात है, वहां न सिर्फ ऐसी गतिविधियां चल रही थीं, बल्कि स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं थी। यह मामला तब सामने आया जब दिल्ली की एक संस्था रेस्क्यू फाउंडेशन को गोपनीय जानकारी मिली और उसने सीधे राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को इसकी सूचना दी। आयोग के निर्देश पर दिल्ली से एक टीम मुजफ्फरपुर पहुंची और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर छापेमारी की एवं छह नाबालिग लड़कियों को बचाया।
नई दिल्ली के रोहिणी के रहने वाले और रेस्क्यू फाउंडेशन के जांच अधिकारी संजय प्रसाद गुप्ता के मुताबिक, उन्हें लगातार जानकारी मिल रही थी कि मुजफ्फरपुर के शुक्ला रोड और मैना गली में 13 से 17 साल की नाबालिग लड़कियों को बंधक बनाकर उनसे देह व्यापार कराया जा रहा है। जानकारी की पुष्टि होने पर मामले की सूचना राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को दी गई, जिसके बाद 8 जनवरी 2026 को ऑपरेशन के लिए एक टीम बनाई गई।
इस टीम में मुंबई से सीनियर प्रोग्राम मैनेजर सैनी पडियारा, दिल्ली से अक्षय पांडे और सुजय देशन शामिल थे। टीम मुजफ्फरपुर पहुंची और शहर के पुलिस स्टेशन से तालमेल बिठाकर छापेमारी की रणनीति बनाई। मौके पर महिला एसआई नेहा कुमारी और दिलीप कुमार सिंह समेत कई पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
सबसे पहले मैना गली में सबाना खातून उर्फ सुनीता के घर पर छापेमारी की गई। वहां 13, 16 और 17 साल की तीन नाबालिग लड़कियां मिलीं। कमरे से आपत्तिजनक सामान भी बरामद हुआ। पूछताछ में लड़कियों ने बताया कि सबाना खातून और उसकी साथी बानो खातून उनसे जबरदस्ती यौन संबंध बनवाती थीं और ग्राहकों से मिले पैसे खुद रख लेती थीं। दोनों महिलाओं को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
इसके बाद टीम शुक्ला रोड पर कुमारी पल्लवी के घर पहुंची, जहां 17-17 साल की तीन और लड़कियां मिलीं। हालांकि, पल्लवी छापेमारी का अंदाजा लगते ही मौके से फरार हो गई। लड़कियों ने बताया कि पल्लवी उनसे जबरन यौन कार्य कराती थी।
शुक्ला रोड पर रेड के दौरान पुलिस को एक और चौंकाने वाली चीज मिली, वह था एक ATM स्कैनर। बचाई गई लड़कियों ने बताया कि जब किसी कस्टमर के पास कैश नहीं होता था, तो पल्लवी डिजिटल स्कैनर से पेमेंट लेती थी।
नगर थानेदार कमलेश कुमार के अनुसार, रेस्क्यू फाउंडेशन की शिकायत के आधार पर इमोरल ट्रैफिकिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। दो महिलाओं को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। सभी छह नाबालिगों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के सामने पेश किया गया है, जहां उनके बयान दर्ज किए जाएंगे और आगे सुरक्षित इंतजाम किए जाएंगे।
Updated on:
11 Jan 2026 01:18 pm
Published on:
11 Jan 2026 01:16 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
