
मेड़ता सिटी. घायल को इमरजेंसी खिड़की से बाहर निकालती एसडीआरएफ की टीम।
- मॉकड्रिल सफल
- सुरक्षा तैयारियों को परखने की दृष्टि से मेड़ता रोड रेलवे स्टेशन पर हुए मॉकड्रिल में जांची
मेड़ता सिटी. मेड़ता रोड- जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देश की सुरक्षा तैयारियों को परखने की दृष्टि से वृत्त के मेड़ता रोड रेलवे जंक्शन पर प्रशासन की ओर से मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। 25 मिनट चली इस मॉकड्रिल में सर्च ऑपरेशन से लेकर हमले या हादसे के बाद घायल हुए लोगों को एंबुलेंस से अस्पताल तक पहुंचाने का अभ्यास कर मुस्तैदी जांची गई। सभी जगह तय समयानुसार शाम 4 बजे मॉकड्रिल शुरू होनी थी लेकिन मेड़ता रोड में पूर्व निर्धारित जिस मरुधर एक्सप्रेस ट्रेन में मॉकड्रिल के तहत सर्च ऑपरेशन करना था, वो रेल ही आधे घंटे देरी से पहुंची। इस दौरान मेड़ता सिटी उपखंड अधिकारी पूनम चोयल, जीआरपी के डीएसपी संदीप चौधरी, आरपीएफ के चंद्रप्रकाश मिर्धा, मेड़ता पुलिस उप अधीक्षक रामकरण मलिंडा के नेतृत्व में मॉकड्रिल शुरू की गई। वहीं समाजसेवी मेघराज, सरपंच संघ प्रदेश उपाध्यक्ष श्याम तिवाड़ी, डॉग स्क्वायड के साथ सीआईडी विशेष शाखा अजमेर के उप निरीक्षक रविंद्र सिंह, स्टेशन अधीक्षक रूपचंद बैरवा, डिस्कॉम एक्सईएन रामजीवन जाखड़ सहित जनप्रतिनिधि, रेलवे व प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
हाइलाइट:-
- 25 मिनट देरी से शाम 4.25 पर पहुंची मरुधर एक्सप्रेस ट्रेन।
- शाम 4.27 बजे ट्रेन में सर्च अभियान शुरू, पुलिस ने अलग-अलग डिब्बों में एक साथ ली तलाशी।
- 5 मिनट में पूरी ट्रेन के सभी डिब्बों में चला सर्च ऑपरेशन।
- 5 मिनट स्टेशन पर रुकने वाली मरुधर एक्सप्रेस 12 मिनट यानी 4.37 तक स्टेशन पर रुकी रही।
मॉकड्रिल @ पत्रिका व्यू
- आरपीएफ, जीआरपी, सिविल डिफेंस, राजस्थान पुलिस, एनसीसी कैडेट्स, एसडीआरएफ, मेडिकल एंड हेल्थ, फायर ब्रिगेड का दिखा सामजस्य।
- स्टेशन पर खड़ी मेड़ता सिटी-मेड़ता रोड डीएमयू में दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को ट्रेन से बाहर निकालने का अभ्यास।
- रेलवे के ट्रेंड डॉग के साथ हादसे के बाद ट्रेन में मरीजों को आपात खिड़की तोड़ बाहर निकाला।
- घायलों को एंबुलेंस तक लेकर पहुंची एसडीआरएफ।
- एंबुलेंस से उपचार के लिए तुरंत प्रभाव से पहुंचाया गया अस्पताल।
इनका कहना है...
मेड़ता रोड रेलवे स्टेशन पर मॉकड्रिल का सफल आयोजन किया गया। आमजन ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं। इस तरह की मॉकड्रिल से एक अभ्यास होता है और लोगों में एक जागरूकता स्थापित होती है।
- पूनम चोयल, उपखंड अधिकारी, मेड़ता सिटी।
"सभी ने मिलकर एक रूटिन मॉकड्रिल की है। दरअसल, यह हमने रेलवे यात्रियों, रेल लाइन, प्लेटफॉर्म एवं ट्रेन की सुरक्षा की दृष्टि से मॉकड्रिल की। जो सफल रही है।'
- संदीप चौधरी, डीएसपी, जीआरपी।
Published on:
08 May 2025 05:24 pm
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