
नागौर. फूलों से बंशीवाला का हुआ शृंगार तो विंहगम दृश्य बना रहा
निराहार व्रत रखकर महिलाओं ने शिव-पार्वती का पूजन किया, रात में चंद्रदेव को अघ्र्य देकर खोला व्रत; कृष्ण मंदिरों में झूला झुलाने और भजन-कीर्तन का चला दौर
नागौर. सातूड़ी तीज पर सोमवार को शहर में आस्था के रंग में रंगा रहा। सुहागिन महिलाओं ने वैवाहिक सुख, परिवार की खुशहाली और मंगलकामना के लिए दिनभर निराहार व्रत रखा। शाम को शिव-पार्वती का पूजन किया और रात में चंद्रदेव को अघ्र्य देकर व्रत का पारण किया। अहिछत्रपुर दुर्ग, बंशीवाला मंदिर, नेहरू उद्यान सहित शहर के विभिन्न मोहल्लों में महिलाओं की चहल-पहल रही। अहिछत्रपुर दुर्ग में सातूड़ी तीज के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण का फूलों और बांसुरी से आकर्षक शृंगार किया गया। इसके बाद भगवान को झूले पर विराजमान कराया गया। श्रृंगारित कृष्ण के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां किले पहुंचीं। श्रद्धालु महिलाओं ने भगवान को झूला झुलाया। परिसर में भजन-कीर्तन भी चलता रहा। किले में पहुंची महिलाओं ने भगवान के दर्शन के साथ तीज के उल्लास का आनंद लिया। महिलाओं और युवतियों ने एक-दूसरे के साथ सेल्फी लेकर इन पलों को कैमरे में कैद किया। इसी तरह शहर के बंशीवाला मंदिर में भगवान बंशीवाला का शेषनाग के साथ विशेष शृंगार किया गया। भगवान के इस स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इस मौके पर नेहरू उद्यान में महिलाएं समूह में झूला झूलती नजर आईं तो कई समूहों में नृत्य करती रहीं। तीज के पारंपरिक गीतों और उल्लास के बीच महिलाओं ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं। निकटवर्ती गोगेलाव के साथ शहर के भंडारियों की गली, काठडिय़ा का चौक, बाठडिय़ा का चौक, लोहियो का चौक, लोढ़ा चौक, मिश्रावाड़ी और भूरावाड़ी सहित विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं ने सामूहिक रूप से तीज पूजन किया। दिनभर निराहार व्रत रखने के बाद महिलाओं ने रात में चंद्रदेव को अघ्र्य दिया और इसके बाद व्रत का पारण किया।
Updated on:
01 Sept 2026 10:28 pm
Published on:
01 Sept 2026 10:28 pm
