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90 वर्षीय वृद्धा का पोता बनकर ठगी

मूण्डवा (नागौर). नब्बे वर्षीय एक वृद्धा अपने पुत्र के साथ बैंक से रुपए निकालने के लिए पहुंची तो ठग उनके पीछे लग गया। बहाना बनाकर मां-बेटे को अलग करने के बाद वह मां को ग्राहक सेवा केंद्र पर ले गया और खुद को वृद्धा का पौता बताकर नकदी निकालकर के रफूचक्कर हो गया।

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ठगी का शिकार होने के बाद निराश लौटते मां-बेटा।

- ग्राहक सेवा केन्द्र से निकलवाए रुपए

- बैंक आए मां-बेटे को किया गुमराह

मूण्डवा(नागौर). नब्बे वर्षीय एक वृद्धा अपने पुत्र के साथ बैंक से रुपए निकालने के लिए पहुंची तो ठग उनके पीछे लग गया। बहाना बनाकर मां-बेटे को अलग करने के बाद वह मां को ग्राहक सेवा केंद्र पर ले गया और खुद को वृद्धा का पौता बताकर नकदी निकालकर के रफूचक्कर हो गया। बुजुर्ग महिला को बेटे के आने के बाद ठगी का शिकार होने का पता चला। सूचना मिलने पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। उसमें एक युवक का हुलिया कैमरे में नजर आया। ग्राहक सेवा केन्द्र के कैमरे में भी वृद्धा के रुपए लेते वह नजर आ रहा है।

सूचना मिलने पर एएसआई पूरबाराम हुड्डा व कांस्टेबल जितेन्द्र सोमड़वाल मौके पर पहुंचे। सीसीटीवी फुटेज देखे। लेकिन आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढा।

ऐसे हुई वारदात

जनाणा निवासी सद्दू देवी उर्फ सदूड़ी पत्नी किस्तूरराम शनिवार को बेटे रामचन्द्र के साथ राजस्थान ग्रामीण बैंक में अपने खाते से रुपए निकलवाने पहुंची थी। दोनों बैंक में गए तो कर्मचारी ने खाते में ई-केवाईसी करवाने को कहा। मां-बेटे को बैंक में जाते देख एक युवक उनके साथ हो गया। मौका भांप कर वह उनके साथ चलने लगा। बैंक के बाहर ही ग्राहक सेवा केन्द्र है जहां ई- केवाईसी हो जाती, लेकिन ठग ने रामचन्द्र को बातों में उझलाकर पोस्ट ऑफिस के पास वाले ई मित्र पर भेज दिया। रामचन्द्र उसकी बातों में आकर वहा चला गया, जबकि ई-केवाईसी तो मां के खाते में होनी थी। बातों में उलझने के कारण उसे कुछ ध्यान नहीं रहा और पोस्ट ऑफिस तक चला गया। वहां से फोटो कॉपी करवा कर लौटा तो युवक गायब था।

ग्राहक सेवा केन्द्र चलाने वाले युवक ने बताया कि शातिर युवक ने खुद को वृद्धा का पौता बताया और बैंक डायरी देकर मशीन पर अंगूठा लगाकर चार हजार रुपए निकलवाए। विड्रॉल की गई राशि वृद्धा को सौंपी गई। उसके बाद ठग ने वृद्धा से गिनने का कहकर रुपए ले लिये। बाद में रवाना होने पर वृद्धा ने उसे टोका तो कहा आपके बेटे को दे दूंगा। वृद्धा कुछ समझ पाती तब तक वह रफूचक्कर हो गया।