
Amrita Devi garden inaugurated at Nagaur district headquarters
नागौर. ‘सिर साठे, रूंख रहे तो भी सस्तो जाण...’ यानी सिर कटने से बाद भी पेड़ बच जाएं तो भी यह सौदा सस्ता है। इसी विचारधारा पर चलते हुए खेजड़ली में पेड़ों की रक्षार्थ अपने प्राण न्यौछावर करने वाले 363 लोगों के बलिदान दिवस पर शुक्रवार को नागौर जिला मुख्यालय पर अमर शहीद अमृता देवी की याद में उद्यान का लोकार्पण किया गया। अमृता देवी के पर्यावरण संरक्षण और पेड़ों को बचाने के लिए दिया गया बलिदान उनके शहादत दिवस पर हर किसी ने याद किया। उनकी शहादत की पुण्य स्मृति में शहर के हवाई पट्टी के पास जिले के प्रभारी तथा राज्य के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री सुखराम बिश्नोई ने अमृता देवी उद्यान का लोकार्पण किया।
जिला प्रशासन और नगर परिषद नागौर की ओर से आयोजित लोकार्पण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि जिला प्रभारी मंत्री बिश्नोई ने कहा कि पेड़ों से हमें प्राण वायु मिलती है। प्रकृति हमें हमेशा देती ही है, इसलिए पर्यावरण का संरक्षण प्रकृति को संरक्षण देने में किसी महत्वपूर्ण योगदान से कम नहीं है। जिला प्रभारी मंत्री ने नागौर में पर्यावरण संरक्षण में अतुलनीय योगदान देने पर पद्मश्री हिम्मताराम भाम्भू का आभार जताते हुए कार्यक्रम में मौजूद जनमानस से उनकी जीवनशैली से सीख लेने की बात कही।
पद्मश्री हिम्मताराम भाम्भू ने कहा कि पेड़ों को जीवन का हिस्सा बनाएं, हर व्यक्ति अपने घर में एक-एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल कर विकसित पेड़ बना देगा, तो एक दिन यह मरूस्थल भी वनक्षेत्र से आच्छादित हो जाएगा। मुकाम पीठाधीश्वर रामानंद महाराज ने जांभोजी महाराज, तेजाजी महाराज तथा रामदेवजी महाराज और अमर शहीद अमृता देवी के जीवन चरित्र से सीख लेने की बात कही। रामानंद महाराज ने अमृता देवी और उनके परिवार सहित 363 लोगों की अमर शहादत का वृतांत सुनाते हुए उन्हें नमन किया।
इको टूरिज्म विकसित करने पर होगा काम - कलकटर
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कहा कि नागौर जिला वन सम्पदा और वन्यजीवों और विभिन्न प्रजाति के पक्षियों से परिपूर्ण है। अब इस वन सम्पदा और वन्यजीवों के संरक्षण पर काम करने के साथ-साथ यहां गोगेलाव कंजर्वेशन रिजर्व तथा रोटू वन्यजीव क्षेत्र में इको टूरिज्म विकसित करने पर काम किया जाएगा। यहां जिला प्रशासन और वन विभाग वाइल्ड लाइफ तथा बर्ड टूरिज्म पर काम करेगा। कलक्टर ने कहा कि जन सहयोग से वन संरक्षण पर काम करें। उन्होंने अमृता देवी पार्क के लिए जगह को सुरक्षित करते हुए यहां पौधरोपण कार्य की शुरुआत करने पर नगर परिषद आयुक्त जोधाराम बिश्नोई की सराहना की।
अनंतकाल तक याद रहेगा बलिदान
पूर्व मंत्री हबीबुर्रहमान अशरफी लाम्बा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में गुरु जम्भेश्वर का पाठ हर धर्म व समाज के व्यक्ति को समझना चाहिए तथा इस पर काम करना चाहिए। अमृता देवी का बलिदान इस धरा पर अनंतकाल तक याद रहेगा। एसपी श्वेता धनकड़ ने कहा कि सबसे बड़ा दान जीवनदान होता है। हर व्यक्ति एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे तो यह भी किसी जीवनदान से कम नहीं है। हर वर्ष अपने जन्मदिवस पर एक व्यक्ति एक पौधा लगाएं और पेड़ के रूप में विकसित होने पर उसकी देखभाल करें।
ये भी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में उप वन संरक्षक ज्ञानचंद, महात्मा गांधी दर्शन समिति के जिला सह संयोजक हीरालाल भाटी, अतिरिक्त जिला कलक्टर मनोज कुमार, जिला परिषद के सीईओ जवाहर चौधरी, रामरतन बिश्नोई, सहायक वन संरक्षक सुनील गौड़ व स्काउट एण्ड गाइड की ग्रुप कैप्टन इंदिरा बिश्नोई सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन मीनाक्षी गौड़ ने किया। इससे पूर्व अमृता देवी उद्यान के लोकार्पण अवसर पर जिला प्रभारी मंत्री बिश्नोई सहित अतिथियों एवं अधिकारियों ने पौधरोपण किया। आयुक्त बिश्नोई ने बताया कि उद्यान में वन विभाग के सहयोग से विभिन्न प्रजाति के 500 पौधे लगाए जाएंगे, जिनमें मरू प्रजाति के छायादार व फलदार पेड़ भी शामिल हैं।
Published on:
28 Aug 2020 09:00 pm
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